शहर में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सप्ताह के शुरुआती दिनों में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक रहा। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान की ओर से आ रही शुष्क और गर्म हवाओं के कारण तापमान में यह उछाल देखने को मिल रहा है। उत्तर-पश्चिम की गर्म हवाओं से बढ़ा पारा मौसम विभाग के मुताबिक, सुबह के समय हल्की ठंडक बनी रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही धूप तेज होती गई और दोपहर तक गर्मी का असर साफ महसूस होने लगा। दिनभर तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दोपहर के समय आर्द्रता करीब 31 प्रतिशत दर्ज की गई, जिससे मौसम और अधिक शुष्क बना रहा और धूप की तीव्रता भी ज्यादा महसूस हुई। डॉक्टरों की सलाह- डिहाइड्रेशन से बचे गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर के घरों और दफ्तरों में पंखे एक बार फिर से चलने लगे हैं। खुले में खड़े रहने पर दोपहर के समय गर्मी का असर साफ महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी का असर और बढ़ने की संभावना है। बढ़ती गर्मी का असर ग्वालियर की सड़कों पर भी साफ देखा जा रहा है। त्योहार के बावजूद सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है और लोग काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। घर से निकलने के दौरान लोग खुद को पूरी तरह से कपड़े से ढककर वाहनों पर नजर आ रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचने के लिए अधिक से अधिक पानी का सेवन करें।


