ग्वालियर में 26,744 स्टूडेंट्स की 12वीं बोर्ड की एग्जाम:छात्र बोले- पहला पेपर सरल था; परीक्षा केंद्रों पर ‘उम्मीद की पेटी’ रखी गई

ग्वालियर में 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। परीक्षा के पहले दिन छात्र-छात्राएं निर्धारित समय पर अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के बाद परीक्षा में शामिल हुए। जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। जिले में कुल 84 परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें 26,744 स्टूडेंट्स शामिल हुए है। माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल से मिले निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। आज स्टूडेंट्स का पहला पेपर अंग्रेजी का था। परीक्षार्थियों का कहना था कि प्रश्नपत्र काफी सरल था और आसानी से पूरा कर लिया गया। हालांकि कुछ सवालों ने थोड़ी परेशानी जरूर की, लेकिन बेहतर टाइम मैनेजमेंट के चलते पेपर समय पर सॉल्व कर लिया गया। चार सेट में आया पेपर
अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र चार सेट—A, B, C और D में आया था। इन्हीं सेटों के आधार पर परीक्षार्थियों की बैठक व्यवस्था की गई थी, ताकि नकल की संभावनाएं कम की जा सकें। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले छात्रों की सघन जांच की गई। किसी भी प्रकार की नकल या आपत्तिजनक सामग्री ले जाने पर रोक लगाई गई है। इस दौरान परीक्षा केंद्रों पर ‘उम्मीद की पेटी’ भी रखी गई है, जिसमें यदि किसी छात्र के पास गलती से नकल सामग्री हो, तो वह जांच से पहले उसमें डाल सकता है। यदि जांच के दौरान नकल सामग्री पकड़ी जाती है, तो संबंधित छात्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। 7 परीक्षा केंद्र रहेंगे रिजर्व परीक्षा के पहले दिन मंगलवार को कक्षा 12वीं के अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र सुबह 9 बजे से शुरू हुआ। यह परीक्षा जिले के 84 परीक्षा केंद्रों पर होगी, जिसमें कुल 26,744 विद्यार्थी शामिल होंगे। वहीं कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी से शुरू होंगी। इसके लिए 91 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 22,777 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 7 परीक्षा केंद्र रिजर्व रखे गए हैं। यहां रहेगी विशेष नजर बोर्ड और जिला स्तर पर परीक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले में कुल 73 सामान्य, 12 संवेदनशील और 6 अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। नकल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए एमपी बोर्ड द्वारा 16 उड़नदस्तों का गठन किया गया है। इन दलों में जिला प्रशासन, बोर्ड और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जो लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह प्रतिबंधित एमपी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र की जांच अनिवार्य होगी। बिना प्रवेश पत्र किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नकल पर होगी सख्त कार्रवाई परीक्षाओं को नकलविहीन और निष्पक्ष बनाने के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। कई केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है, जबकि उड़नदस्ते लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित साधनों के प्रयोग पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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