इलेक्शलन कमिशन ने घाटशिला उपचुनाव की तारीख का सोमवार को ऐलान कर दिया। पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद खाली हुई घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, 14 नवंबर को मतगणना होगी। कैंडिडेट के नोमिनेशन की अंतिम तारिख 21 अक्टूबर तक होगी। 24 अक्टूबर तक नाम वापस लिया जा सकेगा।
घाटशिला की ऐसी है राजनीतिक पृष्ठभूमि घाटशिला विधानसभा सीट पूर्वी सिंहभूम जिले में आती है और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है। यहां कुल 2,49,212 मतदाता हैं, जिनमें 1,22,564 पुरुष, 1,26,649 महिला और 2 थर्ड जेंडर शामिल हैं। हालांकि अभी मतदाताओं की फाइनल लिस्ट आना बाकी है। झामुमो से सोमेश सोरेन लड़ सकते हैं चुनाव घाटशिला उपचुनाव की बात करें तो अभी तक किसी दल ने अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। हालांकि, झामुमो के प्रत्याशी के रूप में पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश सोरेन का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। भाजपा क्या चंपाई के बेटे को मौका देगी अब नजरें भाजपा पर टिक गई हैं। क्या इस बार भाजपा फिर से सहानुभूति की लहर पर लड़े जाने वाले घाटशिला उपचुनाव में पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को पुन: मैदान में उतारेगी या फिर किसी और को मौका देगी।
घाटशिला सीट पर भाजपा एक बार जीती झारखंड राज्य बनने के बाद साल 2005 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान घाटशिला सीट पर कांग्रेस के प्रदीप कुमार बलमुचू ने जीत दर्ज कराई थी। 2009 के इलेक्शन में जेएमएम के टिकट पर रामदास सोरेन की जीत हुई। 2014 के चुनाव में भाजपा के लक्ष्मण टुडू यहां से विधायक चुने गए। 2019 के चुनाव में जेएमएम के रामदास सोरेन ने जीत दर्ज की। 2024 के विधानसभा चुनाव में भी जेएमएम के रामदास सोरेन जीते और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन दूसरे नंबर पर रहे।


