भोपाल में रिश्वत के लिए निजी ऑफिस और दुकान खोलने वाले 3 पटवारियों के निलंबन के विरोध में पटवारियों का सामूहिक अवकाश जारी है। तीन महीने में यह दूसरी बार है जब राजस्व विभाग में एक साथ अवकाश या हड़ताल की गई है। इससे पहले सितंबर में जबलपुर में तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ एफआईआर होने के विरोध में तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और एसएलआर हड़ताल पर चले गए थे। इन्हें न तो लोगों की चिंता है और न ही विभाग के अभियान की। अकेले भोपाल में ही ईडब्ल्यूएस से लेकर नामांतरण, जाति, सीमांकन जैसे 500 से ज्यादा मामलों के लोग परेशान हो रहे हैं। राजस्व महाअभियान की सुविधा से भी लोगों को वंचित कर दिया गया। यह अभियान भोपाल में फेल हो गया है। इधर कलेक्टर का कहना है कि इस मामले को हल करने के लिए एडीएम को लगाया है। लोगों के काम होते रहे इसके लिए तहसीलदारों और आरआई को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। कोलार को छोड़कर हुजूर, गोविंदपुरा, बैरागढ़, भोपाल शहर सर्किल, एमपी नगर व टीटी नगर तहसील के पटवारी अवकाश पर हैं। यह काम करते हैं पटवारी ईडब्ल्यूएस का सर्टिफिकेट के एड्रेस सत्यापित करना। जाति प्रमाण पत्र, नामांतरण, सीमांकन, नक्शा तुरुस्त, खसरों को लिंक करना, किसान रजिस्ट्रेशन समेत 15 से ज्यादा काम सीधे करते हैं। इन कामों के लिए अब प्रशासन को करने के लिए आरआई को लगाया जा सकता है। पहले से ही राजस्व महाअभियान 3.0 में भोपाल की स्थिति खराब चल रही है। जिले में पीएम किसान आईडी करीब 64 हजार हैं। इनमें से अब तक करीब साढ़े 8 हजार किसानों के रजिस्ट्रेशन हो सके हैं। भोपाल की रैंकिंग 26वीं है। आधार से लिंक करने में भोपाल 13वें नंबर पर है। एडीएम को पटवारियों से बातचीत के लिए लगाया है। लोगों के काम प्रभावित न हो इसके लिए व्यवस्था कर रहे हैं। -कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर


