चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित टैक्सी स्टैंड के मालिक से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में सेक्टर-34 थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि विदेश में बैठे गैंगस्टर साबा गोबिंदगढ़ ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए पीड़ित को कई बार धमकियां दीं और रकम न देने पर जान से मारने की चेतावनी दी। पुलिस को दी शिकायत में जगतार सिंह ने बताया उन्हें लगातार कॉल कर 50 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। जांच में सामने आया कि सेक्टर-46 निवासी राहुल बिष्ट ने ही उनका मोबाइल नंबर गैंगस्टर तक पहुंचाया था। बताया जा रहा है कि राहुल ने टैक्सी स्टैंड पर लगे बोर्ड से नंबर नोट कर आगे भेजा। ASI और कॉन्स्टेबल सस्पेंड चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-32 स्थित सेवक फार्मेसी गोलीकांड मामले में एएसआई अजयपाल पाली और कॉन्स्टेबल अविनाश को संस्पेड कर दिया गया है। विभागीय जांच में दोनों पुलिसकर्मियों के नाम सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया। कुछ दिन पहले ही कास्टेबल अविनाश को लाइन हाजिर किया गया था। आरोपी राहुल बिष्ट ने पुलिस पूछताछ में सरकारी डॉक्टरों को लेकर चंडीगढ़ के क्लबों और बाहर रेव पार्टी करवाने का दावा किया था, लेकिन इसे लेकर अभी तक पुलिस ने कोई खुलासा नहीं किया है कि वे डॉक्टर कौन हैं और रेव पार्टी शहर के किस क्लब में होती थी। इसका खुलासा अभी तक क्राइम ब्रांच ने नही किया है। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे साबा गोबिंदगढ़ से उसकी नजदीकियां थीं। रसूखदार लोगों के नंबर साबा तक पहुंचाए जाते थे, जिसके बाद उन्हें करोड़ों रुपये की रंगदारी के लिए जान से मारने की धमकियां मिलती थीं। सूत्रों ने बताया कि जब पीड़ित थाने में शिकायत लेकर पहुंचते थे तो उन्हें कार्रवाई के बजाय और डरा दिया जाता था। इसके बाद एसआईटी के माध्यम से रंगदारी की रकम में मोलभाव कराया जाता था। यदि कोई रकम नहीं देता था तो उस पर हमला तक कराया जाता था। सेक्टर-32 स्थित सेवक फार्मेसी पर हुई फायरिंग को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। गैंगस्टरों तक पहुंचते थे रसूखदारों के नंबर सूत्रों के अनुसार सेक्टर-46 निवासी राहुल बिष्ट को क्राइम ब्रांच पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वह पहले सेक्टर-31 में लैब चलाता था और बाद में सेक्टर-32 में शिफ्ट हो गया था। आरोप है कि वह इलाके के आर्थिक रूप से संपन्न लोगों की रेकी करता था और उनके मोबाइल नंबर गैंगस्टरों तक पहुंचाता था। 4 इमिग्रेशन संचालकों के नंबर शेयर पुलिस पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि राहुल बिष्ट ने सेक्टर-32 के चार इमिग्रेशन संचालकों के मोबाइल नंबर भी गैंगस्टर को उपलब्ध कराए थे। हालांकि अब तक इन संचालकों की ओर से कोई लिखित शिकायत पुलिस को नहीं दी गई है। लगातार मिल रही धमकियों के बाद जगतार सिंह को पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और गैंगस्टर नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। फायरिंग और मुठभेड़ से जुड़ा है तार 21 जनवरी को सेवक फार्मेसी पर हुई फायरिंग के मामले में क्राइम ब्रांच ने सेक्टर-39 क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी उसी दिन टैक्सी स्टैंड मालिक को निशाना बनाने की योजना से शहर आए थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने इससे पहले डेराबस्सी में एक स्कॉर्पियो कार लूटने का प्रयास किया था, जबकि जालंधर में एक प्रॉपर्टी डीलर की फॉर्च्यूनर गाड़ी पर भी गोलियां चलाई थीं। पुलिस अब पूरे मामले को आपराधिक गिरोह की संगठित साजिश के रूप में जांच रही है।


