चंडीगढ़ पुलिस विभाग में 7 माह पहले 2 हजार 763 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए गए थे। लेकिन पुलिस हेडक्वार्टर सेक्टर-9 से ट्रांसफर ऑर्डर जारी करने के बावजूद वह रिलीव नहीं किए गए। वहीं हेडक्वार्टर के अंदर अभी 150 पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जो ट्रांसफर ऑर्डर के बाद भी रिलीव नहीं हुए हैं। उन्हें टेक्निकल कारण बताकर रोका गया था, लेकिन अब इसके बावजूद लंबे समय तक ऐसे कई मुलाजिम हैं, जो ट्रांसफर नहीं किए गए। अब पुलिस विभाग ऐसे मुलाजिमों की जरूरत को लेकर रिव्यू करने जा रहा है। ऐसे में जिन मुलाजिमों की जरूरत नहीं पाई जाएगी, उन्हें ऑर्डर के हिसाब से ट्रांसफर किया जाएगा। जरूरत नहीं तो रिलीव होंगे- एसपी एसपी हेडक्वार्टर मनजीत श्योराण ने बताया कि जिन मुलाजिमों के ट्रांसफर हुए थे, उनमें से 40 से 50 मुलाजिमों की संबंधित विभागों ने जरूरत बता कर रोके जाने की मांग की थी। वहीं कुल 150 मुलाजिमों को टेक्निकल कारणों से ऑर्डर के बावजूद ट्रांसफर नहीं किया गया था। अगर उन विभागों को अभी भी उन पुलिस मुलाजिमों की जरूरत है, तो उनके ट्रांसफर ऑर्डर कैंसिल कर दिए जाएंगे, वहीं जरूरत न होने पर उन्हें ऑर्डर के तहत रिलीव किया जाएगा। ट्रांसफर के बाद रिलीव नहीं तो कार्रवाई- डीजीपी चंडीगढ़ पुलिस विभाग में 2 हजार 763 कर्मचारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। इसके बाद पुलिस कर्मियों के चेहरे पर खुशी और गम दोनों देखने को मिल रहे हैं। पुलिस के जवान और इंस्पेक्टर चहेतों का ट्रांसफर रुकवाने के लिए पुलिस मुख्यालय में अफसरों के पास चक्कर लगाए। मगर डीजीपी ने साफ कहा है कि जो भी पुलिसकर्मी ट्रांसफर किए गए स्थान पर ज्वाइन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस ट्रांसफर में हेडक्वार्टर, रीडर स्टाफ, डीएसपी और एसएचओ के साथ कई सालों से लगे चहेते कर्मियों को बदला गया।


