चंडीगढ़ की पेड पार्किंग में बिना शुल्क दिए वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। अब किसी भी पेड पार्किंग में बिना फीस चुकाए वाहन खड़ा मिला तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा और अलग से चालान भी किया जाएगा। नगर निगम चंडीगढ़ के कमिशनर अमित कुमार के निर्देश पर इंजीनियरिंग विभाग की रोड विंग को कड़े आदेश जारी किए गए हैं। आदेश मिलते ही निगम की टीमों ने शहर की विभिन्न पेड पार्किंग स्थलों पर जांच शुरू कर दी है। नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि निर्धारित पार्किंग शुल्क का भुगतान करें और नियमों का पालन करें, ताकि शहर की पार्किंग व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। आने वाले दिनों में सभी प्रमुख पेड पार्किंग स्थलों पर निरीक्षण और सख्ती और बढ़ाई जाएगी। सेक्टर-17 में 6 वाहन जब्त अभियान के तहत सेक्टर-17 स्थित बैंक स्क्वेयर में कार्रवाई करते हुए 6 ऐसे वाहनों को जब्त किया गया, जिन्हें लंबे समय से बिना पार्किंग शुल्क दिए खड़ा किया गया था। निगम की टीम ने वाहनों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल सेक्टर-17 तक सीमित नहीं रहेगा। चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर की पेड पार्किंग की जांच की जाएगी। विशेष रूप से सेक्टर-7 के मध्य मार्ग और मनीमाजरा स्थित कार बाजार साइट को निगरानी के लिए चिन्हित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन स्थानों पर कई वाहन लंबे समय तक खड़े रहते हैं, जिससे पार्किंग व्यवस्था प्रभावित होती है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। दुकानदार और कारोबारी भी नियमों के दायरे में नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि नियम सभी के लिए समान हैं। यदि किसी दुकानदार या कारोबारी का वाहन भी बिना शुल्क दिए पेड पार्किंग में खड़ा पाया गया, तो उसके खिलाफ भी जब्ती और चालान की कार्रवाई की जाएगी। निगम के अनुसार वर्तमान में शहर में करीब 10 हजार लोगों ने पार्किंग पास लिया हुआ है, जबकि लक्ष्य 30 से 50 हजार पास जारी करने का है। अधिकारियों का मानना है कि अधिक संख्या में पास जारी होने से पार्किंग प्रबंधन और राजस्व दोनों में सुधार होगा।


