चंडीगढ़ रायपुर कलां–हरमिलाप नगर को जोड़ने वाली रेलवे अंडरपास परियोजना (RUB-123C) एक बार फिर संकट में घिर गई है। चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा अपनी 50 प्रतिशत लागत हिस्सेदारी के रूप में 6 करोड़ 41 लाख रुपये जारी न करने से 13 फरवरी को खुलने वाले टेंडर रद्द होने का खतरा पैदा हो गया है। उत्तर रेलवे ने इस संबंध में प्रशासन को चेतावनी भरा पत्र भेजा है। उत्तर रेलवे, अंबाला मंडल के वरिष्ठ मंडल अभियंता नवीन कुमार द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते अपनी हिस्सेदारी जमा नहीं कराई तो निविदा प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। रेलवे की ओर से टेंडर 13 फरवरी को खोले जाने प्रस्तावित हैं। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने जताया रोष ज्वाइंट एक्शन कमेटी फॉर वेलफेयर ऑफ बलटाना रेजिडेंट्स के अध्यक्ष प्रताप सिंह राणा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।उनका कहना है कि इंजीनियरिंग विभाग की जिद के कारण यह लंबे समय से इंतजार की जा रही परियोजना फिर से रुकने वाली है। राणा ने आरोप लगाया कि मुख्य अभियंता सी.बी. ओझा ने भूमि अधिग्रहण पूरा न होने का हवाला देकर फंड जारी करने से इंकार कर दिया है। जबकि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में धारा 21 का नोटिस जारी हो चुका है और 26 फरवरी तक औपचारिकताएं पूरी होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि टेंडर खुलने के बाद वर्क ऑर्डर जारी होने में लगभग एक माह का समय लगता है। ऐसे में तब तक जमीन का कब्जा मिलने की उम्मीद है। अंतिम समय पर फंड रोकना परियोजना को अनावश्यक रूप से टालने जैसा है। एक साल से अधिक की देरी, हजारों लोग प्रभावित कमेटी का कहना है कि यह परियोजना पहले ही निर्धारित समय से करीब एक वर्ष देरी से चल रही है, जिससे बलटाना और आसपास के हजारों निवासी रोजाना परेशानी झेल रहे हैं। वर्ष 2017 से क्षेत्रवासी इस अंडरपास के निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि टेंडर रद्द होते हैं तो यह क्षेत्र के लोगों के साथ विश्वासघात होगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना होगा कि RUB-123C परियोजना को समय पर आगे बढ़ाया जाता है या यह एक बार फिर फाइलों में अटक कर रह जाती है।


