जैंतगढ़ | होलिका दहन के बाद रंग कब खेलें, इसे लेकर लोगों के मन में संशय है। हमेशा होलिका दहन के अगले दिन रंग खेला जाता है, लेकिन इस बार भद्रा और चंद्रग्रहण के कारण होलिका दहन के एक दिन बाद अर्थात चार मार्च को रंग खेला जाएगा। 3 मार्च की सुबह से शुरू हो जाएगा चंद्रग्रहण का सूतक 2 मार्च की शाम करीब 5.45 से पूर्णिमा शुरू हो रही है जो 3 मार्च शाम 5 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही भद्रा भी आरम्भ हो रहा है जो तीन मार्च तड़के 4.30 बजे तक रहेगा। भद्रा के पूंछ काल में होलिका दहन किया जा सकता है। अतः रात्रि 11.50 से 1.30 बजे तक होलिका दहन का शुभ मुहूर्त बन रहा है। 3 को चंद्रग्रहण दोपहर करीब 3.21 बजे से शुरू होगा और शाम 6.47 बजे तक रहेगा। यह भारत में दिखाई देगा। चंद्रग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। इस दिन सुबह 6.21 बजे सूतक शुरू होगा और शाम को 6.47 बजे ग्रहण खत्म होने तक रहेगा। ग्रहण और सूतक के समय में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं, इसलिए 3 मार्च को रंग-गुलाल नहीं खेलना चाहिए। सूतक के समय में मंत्र जप, दान-पुण्य करना चाहिए। ग्रहण और सूतक की वजह से 4 मार्च को रंगों की होली (धुलंडी) मनाई जाने की सलाह दी जा रही है।


