चक्रधरपुर नगर परिषद चुनाव में वार्ड 23 से पति, 22 से पत्नी और 21 से भाई, तीनों हारे

चक्रधरपुर | चक्रधरपुर नगर परिषद चुनाव में वार्ड संख्या 3 से पार्षद पद पर लीला प्रसाद ने सबसे अधिक मतों के अंतर से शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी शशि दूबे को 620 मतों के बड़े अंतर से पराजित कर दूसरी बार पार्षद पद पर कब्जा जमाया। मतगणना के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार लीला प्रसाद को कुल 812 मत प्राप्त हुए, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी शशि दूबे को 192 मत मिले। वहीं तीसरे स्थान पर रेखा मुखी रहीं, जिन्हें 125 मत प्राप्त हुए। इसके अलावा उम्मीदवार रीना सतपति को 88 मत मिले, जो लगभग रिजेक्ट मतों के बराबर रहा। वार्ड संख्या 3 में कुल 1305 मत पड़े थे, जिनमें से 88 मत निरस्त (रिजेक्ट) घोषित किए गए। भारी मतों के अंतर से मिली जीत ने यह स्पष्ट कर दिया कि वार्ड के मतदाताओं ने एक बार फिर लीला प्रसाद पर अपना भरोसा जताया है। चक्रधरपुर | चक्रधरपुर नगर परिषद में दिग्गजों की भी हार हुई है। शहर के पूर्व चेयरमैन केडी साह उर्फ फेंकू साव को वार्ड पार्षद के चुनाव में मात्र 68 वोट मिला है। उसी वार्ड संख्या 12 से पार्षद पद के लिये एक और दिग्गज संजय मिश्रा उर्फ बुद्धू पंडित चुनाव लड़े थे। उन्हें मिला सिर्फ 6 वोट। बता दें कि वर्ष 2015 में केडी साह नगर परिषद के चेयरमैन चुने गए थे। पार्षद चुनाव जीतते तो केडी शाह के उपाध्यक्ष पद के दावेदार माने जा रहे थे । वार्ड संख्या 12 में कुल मतदान 372 पड़ा था। जिसमें केडी साह को 68 मिला। मतगणना के अनुसार केडी साह तीसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2015 में भाजपा नेता संजय मिश्रा चेयरमैन का चुनाव लड़ें थे, द्वितीय स्थान पर रहे थे। चक्रधरपु र | चक्रधरपुर नगर परिषद चुनाव में इस बार पार्षद पद को लेकर कई रोचक और चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। खासकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों पति, पत्नी और भाई का अलग-अलग वार्डों से चुनाव मैदान में उतरना और तीनों का हार जाना चर्चा का विषय बन गया है। वार्ड नं- 22 से पूर्व पार्षद रह चुकी ज्योति केरकेट्टा ने एक बार फिर जनता के बीच जाकर पार्षद पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। हालांकि इस बार उन्हें मतदाताओं का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका वहीं, ज्योति केरकेट्टा के देवर संदीप केरकेट्टा ने वार्ड संख्या 21 से पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा ज्योति केरकेट्टा के पति संजय केरकेट्टा ने वार्ड संख्या 23 से पार्षद पद के लिए किस्मत आजमाई, लेकिन वहां भी उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। चक्रधरपुर | चक्रधरपुर नगर परिषद चुनाव इस बार कई मायनों में बेहद दिलचस्प और चर्चा का विषय रहा। खासकर वार्ड पार्षद चुनाव में एक ही परिवार की जेठानी और देवरानी अलग-अलग वार्ड से चुनाव मैदान में थीं, लेकिन दोनों को हार का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार वार्ड संख्या 14 से पूर्व पार्षद लालजी प्रसाद की धर्मपत्नी रामनवमी तांती ने पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ा था। चुनाव में उन्हें कड़ी टक्कर मिली, लेकिन अंततः उन्हें हार का सामना करना पड़ा और इस वार्ड से रानी रजक ने जीत दर्ज कर पार्षद पद पर कब्जा जमाया। वहीं दूसरी ओर वार्ड संख्या 15 से समाजसेवी दुर्गा प्रसाद की धर्मपत्नी सीता तांती चुनाव मैदान में उतरी थीं। इस वार्ड में भी मुकाबला रोचक रहा, लेकिन अंततः सुनीति बाग ने जीत हासिल कर उन्हें पराजित कर दिया। बताया जाता है कि रामनवमी प्रसाद और सीता तांती आपस में जेठानी-देवरानी के रिश्ते में हैं, जबकि पूर्व पार्षद लालजी प्रसाद और दुर्गा प्रसाद दोनों सगे भाई हैं। परिवार के दोनों सदस्यों ने अलग-अलग वार्ड से अपनी-अपनी पत्नियों को चुनाव मैदान में उतारा था और जीत की उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि चुनाव परिणाम ने पूरी तस्वीर बदल दी और दोनों ही वार्डों में मतदाताओं ने नए प्रत्याशियों पर भरोसा जताया। इस करारी हार ने स्थानीय राजनीति में एक अलग संदेश दिया है कि इस बार मतदाताओं ने पारिवारिक प्रभाव से अधिक क्षेत्रीय कार्य, जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दी। भास्कर न्यूज़ | सरायकेला नगर निकाय चुनाव में सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष पद का मुकाबला बेहद रोचक और कांटे का रहा। अंततः मनोज चौधरी ने 449 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर राजनीतिक गलियारों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा दी। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव को पराजित किया। दो राउंड की मतगणना में मनोज चौधरी को कुल 1943 मत प्राप्त हुए, जबकि राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव को 1494 मतों से संतोष करना पड़ा। तीसरे स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवार सनद आचार्य रहे, जिन्हें 1171 मत मिले। वहीं भाजपा समर्थित उम्मीदवार सुमित चौधरी 1146 मतों के साथ चौथे स्थान पर रहे। पांचवें स्थान पर निर्दलीय जलेश कबि रहे, जिन्हें कुल 1118 मत प्राप्त हुए। परिणाम घोषित होते ही काउंटिंग हॉल के बाहर समर्थकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज चौधरी जैसे ही काउंटिंग हॉल से बाहर निकले, कार्यकर्ताओं ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच समर्थक नाचते-गाते लगभग ढाई किलोमीटर पैदल जुलूस की शक्ल में जिला मुख्यालय तक पहुंचे। इस दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष शिवेंदु महतो, भोला महंती, शंभू आचार्य, कृष्ण राणा, पंकज साव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे शहर में विजय जुलूस को लेकर उत्सवी माहौल बना रहा। अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज चौधरी ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनता की जीत है। उन्होंने कहा, ””मेरा तो केवल एक ही वोट है, जो मैंने स्वयं को दिया है, बाकी सभी वोट जनता के हैं। जनता ने मुझे यहां तक पहुंचाया है और मैं उनके विश्वास पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करूंगा।”” उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी कुर्सी जनता की है और वे नगर के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। बिजली पानी नाली यह सारी समस्या पहले भी थी और आगे भी रहेगी परंतु इन सारी समस्याओं से लोगों को राहत दिलाने के लिए कार्य किया जाएगा। विश्व प्रसिद्ध छऊ नृत्य की जननी है इसलिए सारी कलाकार नाम छऊ नगरी के नाम से प्रसिद्ध होगी इसके लिए आगे काम किया जाएगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *