चतरा जिले के कुन्दा थाना क्षेत्र के गेंदरा गांव में 28-29 दिसंबर की रात हुई दोहरे हत्याकांड का चतरा पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना डकैती नहीं बल्कि जमीन विवाद को लेकर रची गई हत्या की एक सोची-समझी साजिश थी, जिसमें दो लोगों की मौत हुई थी और दो गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस मामले में चौंकाने वाला मोड़ यह है कि हत्या करने आए हमलावर खुद ही ग्रामीणों के जवाबी हमले में मारे गए। पुलिस ने इस घटना के संबंध में एक मुख्य आरोपी को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। 29 दिसंबर की रात 7 से 8 हथियारबंद अपराधियों ने श्याम भोक्ता के घर पर हमला किया था। श्याम भोक्ता के साले गोपाल गंझू के सिर में गोली मार दी थी अपराधियों का मुख्य उद्देश्य श्याम भोक्ता की हत्या करना था। अंधेरे का फायदा उठाकर हमलावरों ने श्याम भोक्ता के साले गोपाल गंझू के सिर में गोली मार दी। उन्हें लगा कि उन्होंने अपने लक्ष्य को मार गिराया है। इसके बाद गांव में शोर मच गया और ग्रामीणों ने एकजुट होकर हमलावरों का विरोध किया। चतरा एपी ने बताया कि इस हमले के मास्टरमाइंड देवेंद्र गंझू और चुरामन गंझू थे। देवेंद्र ने जमीन खरीदने के लिए पैसे दिए थे, लेकिन जमीन उसके नाम पर हस्तांतरित नहीं हो रही थी। इसी बात का बदला लेने के लिए उसने चुरामन के साथ मिलकर आठ लोगों की एक टीम बनाई थी। हमले के मास्टर माइंड की घटना के दिन ही ग्रामीणों ने कर दी थी हत्या ग्रामीणों के एकजुट होने और जवाबी हमले के कारण साजिशकर्ता देवेंद्र और चुरामन की मौके पर ही मौत हो गई। उनके अन्य साथी भागने में सफल रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सिमरिया एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। एसआईटी ने लावालौंग थाना क्षेत्र के पुरनाडीह में छापेमारी कर मोहन कुमार को गिरफ्तार किया। मोहन ने ही चुरामन को बुलाया था और घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार छिपाए थे। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक देशी कट्टा, जिंदा कारतूस और एक पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है। घटनास्थल से भी पुलिस को पहले दो देशी कट्टे और भारी मात्रा में खोखा मिला था। पुलिस ने फरार अन्य 6-7 आरोपियों की पहचान कर ली है। एसपी ने कहा है कि जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।


