अलवर के अल्कापुरी में सरकारी बोरवेल करते समय गुरुवार को 800 फीट नीचे से तेज पानी के प्रेसर के साथ निकले चमकीले पत्थर को लोग चांदी समझ लूट ले गए थे। अगले दिन शुक्रवार को दैनिक भास्कर ने पत्थर के तीन सैंपल जांच कराएं। जिसमें चौकाने वाला रिजल्ट सामने आया। करीब 25 लाख रुपए कीमत की जर्मनी मेड मेटल एक्सरे मशीन से तीन सैंपल जांच कराएं। जिनमें से एक में 99 प्रतिशत आयरन मिला। दूसरे सैंपल में 98 प्रतिशत आयरन मिला। तीसरे सैंपल में आयरन बहुत कम आया। लेकिन तीनों सैंपल में चांदी नहीं के बराबर मिली। जबकि चमकीले पत्थर में सिल्वर सबसे अधिक मानी जा रही थी। पहले दिन सैंपल लिया पत्थर चुंबक को चिपक रहा था। तब भी प्रारंभिक तौर पर लोहा जैसा लग रहा था। लेकिन पत्थर में चमक अधिक होने के कारण सिल्वर होने का अनुमान था। लेकिन सिल्वर का अंश नहीं मिला। जांच करने वाले ने कहा – इसमें आयरन पूरा अलवर के सर्राफा बाजार में बांबे टंच के मालिक राजेंद्र कुमार ने बताया कि हमने तीन सैंपल जर्मनी मेड मशीन से जांच किए हैं। मशीन की कीमत करीब 25 लाख रुपए है। जांच में तीन में से दो सैंपल में आयरन 98 से 99 प्रतिशत मिला है। इससे पहले भी अलवर से खूब लोग सैंपल लेकर आए हैं। लेकिन इतना आयरन कभी नहीं मिला। यह रेकॉर्ड आयरन है। इस पत्थर में सिल्वर नहीं के बराबर है। बाकी कोबाल्ट व निकल धातु भी मिली है। खनित विभाग की टीम भी पहुंची अल्कापुरी में शुक्रवार सुबह खनिज विभाग की टीम भी पहुंची है। जिसने यहां से सैंपल लिए हैं। जो जांच करने के लिए जयपुर भिजवाए हैं। सरकारी जांच आने के बाद और पुष्टि हो सकेगी कि यहां से निकले पत्थर में कौनसी धातु अधिक हैं। अब खनिज विभाग की जांच आने के बाद सरकार के स्तर पर मामला पहुंचेगा। उसके बाद दुबारा से बोरवैल से ऐसे पत्थर निकालकर जांच हो सकती है। अभी बोरवेल को ढका गुरुवारको बोरवेल पूरा हो गया था। अच्छा पानी आ गया। आखिरी समय में पानी के साथ चमकीले पत्थर के टुकड़े निकले थे। जिनको लोग चांदी समझकर ले गए थे। करीब 20 से 30 किलो पत्थर के टुकड़े ले गए थे। अब बोरवेल के ऊपर का हिस्सा ढका हुआ है।


