सिटी रिपोर्टर | बोकारो पवित्र माह रमजान का चांद नजर आने के साथ ही गुरुवार (जुमेरात) से रमजानुल मुबारक की शुरुआत हो रही है। यह मुकद्दस महीना 29 या 30 रोजों तक चलेगा। चांद के दीदार के बाद मुस्लिम समाज में खुशी और इबादत का माहौल है। रमजान के इस पवित्र महीने को तीन अशरों (हिस्सों) में तकसीम किया गया है। पहला अशरा रहमत का, दूसरा बरकत का और तीसरा मगफिरत का होता है। इस महीने की खास फजीलत यह बताई गई है कि एक नेकी के बदले 70 नेकी का सवाब मिलता है। रमजान में रोजेदार सुबह सहरी कर रोजा रखते हैं और शाम को इफ्तार के साथ रोजा खोलते हैं। रात में मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की जाती है, जिसमें हाफिज और कारी द्वारा मुकम्मल कुरआन मजीद सुनाया जाता है। मस्जिदों में विशेष रोशनी और साफ-सफाई की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर बोकारो, झारखंड के सक्रिय समाजसेवी रिजवानुल होदा उर्फ कारी साहब ने चांद के दीदार पर पूरे देशवासियों को दिली मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र माह के आगमन पर खुशी जाहिर करना पुण्य का भागी बनाता है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि कोई भी शख्स एक भी रोजा न छोड़े, क्योंकि रोजा रब्बुल आलमीन और बंदे के बीच का खास अमल है। इसकी अहमियत बहुत बड़ी है और इसे हर हाल में पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। कारी साहब ने कहा कि रमजान का असल पैगाम आपसी भाईचारा, सब्र और मदद का है। इस माह में गरीबों, मिस्कीनों और पड़ोसियों का खास ख्याल रखना चाहिए, ताकि वे भी खुशी-खुशी इस पवित्र महीने को मना सकें। रमजान के आगमन के साथ ही बोकारो सहित पूरे देश में इबादत, रोजा और खैरात का सिलसिला शुरू हो गया है।


