चाचा बोला- बेटी को 500-500 MG की टैबलेट्स दीं:लिवर सूजा, किडनियां डैमेज; नवोदय स्कूल में प्रशासन की लापरवाही से बच्ची की जान गई

बांसवाड़ा के जवाहर नवोदय स्कूल लोधा में बीमारी के कारण छात्रा (13) की मौत हो गई। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। बच्ची के चाचा का कहना है कि बेटी की बीमारी के दौरान स्कूल प्रशासन ने उसे 500-500 MG की हैवी टैबलेट्स दी। परिजनों के अनुसार, ओवरडोज या गलत असर के कारण महज 24 घंटे के भीतर बच्ची का लीवर पूरी तरह सूज गया। हमें डॉक्टरों ने बताया- बच्ची की दोनों किडनियां भी डैमेज हो चुकी थीं। छात्रों के कहने के बाद भी स्कूल प्रशासन ने बच्ची को घर नहीं भेजा। 4 दिन बाद परिवार को बच्ची की बीमारी की जानकारी दी। छात्रा ने 21 जनवरी को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। गुरुवार सुबह कलेक्ट्री में प्रदर्शन के बाद परिजनों ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। कोई गंभीर बीमारी नहीं है, छुट्टी देने की जरूरत नहीं है
छात्रा शिवानी (13) के चाचा शांतिलाल यादव ने बताया- हम दानपुर इलाके के रहने वाले हैं। 14 जनवरी को शिवानी के पापा दिलीप यादव उसे खुद स्कूल छोड़कर आए थे। उस दिन शिवानी पूरी तरह से स्वस्थ थी। 15 और 16 जनवरी को जब शिवानी की तबीयत खराब हुई, तो स्कूल स्टाफ ने वार्डन को शिवानी को घर भेजने की सलाह दी। लेकिन वार्डन ने यह कहते हुए मना कर दिया कि इतनी कोई गंभीर बीमारी नहीं है, छुट्टी देने की ज़रूरत नहीं है। निजी अस्पताल में कराया इलाज, परिजनों को नहीं दी सूचना
शांतिलाल यादव ने बताया- स्कूल प्रशासन ने छात्रा का इलाज पहले निजी अस्पताल और फिर एमजी अस्पताल में कराया, लेकिन परिजनों को इसकी जानकारी देरी से दी गई। 19 जनवरी को परिजनों को फोन कर बताया कि बच्ची को सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार है, आकर ले जाओ। शांतिलाल ने बताया- जब मेरा बेटा देव यादव उसे लेने पहुंचा, तो बच्ची बुखार से बुरी तरह तप रही थी। उसका शरीर लाल हो रहा था। शिवानी की हालत बेहद नाजुक थी। नवोदय स्कूल के प्रशासन की लापरवाही से बच्ची की जान गई 19 को तबीयत खराब हुई, परिजन घर ले गए थे
सदर थाना सीआई रूपसिंह ने बताया- छात्रा की तबीयत 19 जनवरी को स्कूल में खराब हुई थी। सूचना पर परिजन उसे स्कूल से अपने घर ले गए थे। एक दिन घर पर रखने के बाद जब तबीयत और ज्यादा बिगड़ी, तो परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल लेकर आए। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे गुजरात के हिम्मतनगर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया। नर्स ने एमजी अस्पताल ले जाकर करवाया था इलाज
मामले में स्कूल के प्रिंसिपल अब्दुल हमीद ने बताया- जैसे ही छात्रा शिवानी की तबीयत बिगड़ी, स्कूल प्रशासन ने उसे गंभीरता से लिया। स्कूल नर्स ने बच्ची को एमजी हॉस्पिटल ले जाकर दवाई करवाई और परिजनों को सूचना देकर उन्हें सौंप दिया। सीआई रूपसिंह ने बताया- परिजनों ने गुरुवार दोपहर में रिपोर्ट देकर स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं। फिलहाल बच्ची का पोस्टमॉर्टम की कार्यवाही कर रहे हैं। मामले में पुलिस जांच करके कार्रवाई करेही।

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