चाय की दुकान से बाल श्रमिक को कराया मुक्त:मालिक देता था 4500 रुपए महीना, आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज

चूरू की मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने पैन इंडिया अभियान के अंतर्गत सरदारशहर तहसील कार्यालय के सामने स्थित चाय दुकान से 14 वर्षीय नाबालिग को बाल श्रम से मुक्त कराया है। मालिक बच्चे को 45 सौ रुपए महीना देता था। आरोपी मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। मानव तस्करी विरोधी यूनिट के हेड कॉन्स्टेबल मदनलाल गोदारा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पाया गया कि नाबालिग से प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से रात 8 बजे तक काम करवाया जाता था। काउंसलिंग के दौरान बच्चे ने बताया कि दुकान मालिक उसे इस काम के लिए महीने के 4,500 रुपए देता था। दुकान के मालिक की पहचान सरदारशहर के वार्ड 19 निवासी विद्याधर सैनी (42) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम (जेजे एक्ट) और बंधुआ मजदूरी निषेध अधिनियम (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया है। बच्चे को रेस्क्यू के बाद मेडिकल जांच के लिए भेजा गया और फिर चूरू बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। यह कार्रवाई बाल श्रम के खिलाफ चल रहे राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों के शोषण को रोकना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है।

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