बूंदी में फाल्गुन का रंग जमने लगा है। तिलक चौक स्थित श्री चारभुजा नाथ मंदिर में होलाष्टक के साथ होली महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया है। श्रद्धालु प्रतिदिन ठाकुरजी के साथ फूलों और गुलाल से होली खेल रहे हैं। मंदिर परिसर में प्रतिदिन भोर होते ही मंगला आरती के समय श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। ढोल-मंजीरों की थाप और फाग के भजनों से पूरा मंदिर गूंज उठता है। पंडित गणेश शर्मा द्वारा सुबह 6 बजे ठाकुरजी की विशेष मंगला आरती की जाती है। श्रद्धाभाव से निभाई जा रही परंपरा
आरती के बाद भक्तजन ठाकुरजी पर सुगंधित पुष्पों और रंग-गुलाल की वर्षा करते हैं। वे भजनों पर नृत्य कर होली महोत्सव का आनंद लेते हैं। श्री चारभुजा विकास समिति के अध्यक्ष पुरुषोत्तम पारीक और वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक गर्ग ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से श्रद्धाभाव के साथ निभाई जा रही है। होलाष्टक के साथ महोत्सव शुरू
इस दौरान प्रतिदिन ठाकुरजी को केसर युक्त दूध और पंचमेवा का भोग लगाकर भक्तों में प्रसाद वितरित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के विशेष सहयोग से मंगलवार को होलाष्टक प्रारंभ होने के साथ ही होली के रंग और गहरे हो गए हैं। इसी दिन से फूलों के साथ विभिन्न रंगों और गुलाल से होली खेलने का विधिवत शुभारंभ हुआ। शहरवासियों में होली महोत्सव को लेकर उत्साह है। समाजसेवी विनोद न्याति, लालचंद विजयवर्गीय, रवि गुर्जर, नौरतमल अग्रवाल, कौशल शर्मा सहित अनेक लोग महोत्सव की तैयारियों में जुटे हैं। समिति पदाधिकारियों ने धर्मप्रेमी जनता से अधिक संख्या में मंगला आरती में पधारकर ठाकुरजी के दर्शनों और इस महोत्सव का लाभ उठाने की अपील की है।


