चारागाह पर कब्जा करने वालों से किराया वसूलेंगी सरकार:मंत्री दिलावर बोले, हम कानून बना रहे, जितने साल कब्जा रहा, उतना ब्याज लेंगे, छोटे-मोटे तो कब्ज़ा छोड़ भाग जाएंगे

चारागाह पर कब्जा करने वालों से सरकार किराया वसूली की तैयारी कर रही है। कोटा के रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र के कुदायला ग्राम पंचायत में जन समस्या समाधान शिविर के दौरान शिक्षा एवं पंचायत राज्य मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि हम राजस्थान में 200 लोगों को छांट रहे हैं। जिन्होंने सबसे ज्यादा चारागाह पर कब्जा कर रखा हो। ऐसा कानून बना रहे हैं कि उसने जितने साल से कब्जा किया होगा उस हिसाब से मार्केट वैल्यू से किराया वसूल करेंगे। चाहे 1 करोड़, 2 करोड़, 50 लाख, 10 लाख हो या 2-5 रूपया हो। उन्होंने कहा जब उससे वसूली चालू होगी, तो छोटे-मोटे तो कब्ज़ा छोड़ कर भाग जाएंगे। नहीं तो जितने साल के कब्जे की कहेगा, हम उसका मार्केट वैल्यू से पैसा वसूल करेंगे। क्योंकि आजकल 1 बीघा का सालभर का किराया 10 से 15 हजार रुपए होता है। ऐसे में उससे 10 से 15 हजार प्रति बीघा के हिसाब से किराया वसूलेंगे। जितने साल से उसका कब्जा रहा उस हिसाब से ब्याज भी जोड़ेंगे। ऐसा कानून बनाने जा रहे हैं। इससे छोटे-मोटे तो छोड़ कर भाग जाएंगे। दरअसल जन समस्या समाधन शिविर में मंत्री दिलावर लोगों को गौमाता को बचाने व गाय एक्सीडेंट से होने वाले हादसों को रोकने के बारें में जानकारी दे रहे थे। दिलावर ने कहा राजस्थान में गाय एक्सीडेंट में 4 हजार लोग मौत का शिकार बनते है।50 हजार गायें मर जाती है। 20 से 25 हजार लोग घायल हो जाते है। अगर गौ माता को बचाना चाहते है, लोगों को एक्सीडेंट से बचाना चाहते है तो 30-40 साल पुरानी परंपरा को अपनाना होगा। पहले गांव वाले एक ग्वाल चुनते थे, फिर सारी गायों को ग्वाल चराने जाता था। शाम को गायें वापस आती थी। जिन्हें लोग अपने अपने घर में बांधते थे। यदि उस पुरानी परंपरा को चालू कर दें। तो मै समझता हूं कि लोगों को जिंदगी बचा सकते हैं। 50 हजार गौ माता को बचा सकते हैं। 20-25 हजार लोगों को घायल होने से बचा सकते हैं। हमको करना कुछ नहीं है। सब गांव वाले मिलकर ग्वाल लगा लें। उसको पैसा देने की जरूरत नहीं है। फसल के समय 20-50 किलो गेहूं हर साल देंगे। उसमें ग्वाल लग जाता है गाय को चराकर के लाता है।
दूसरी बात गौ माता पर आपका खर्चा कम हो तो उसके लिए तालाब में एक हरी काई आती है। आप भी अपने घर में छोटा तालाब बना सकते हैं। उसमें काई लगा लें,15 दिन में काई बनकर तैयार हो जाती है। आधा किलो काई एक गाय का पेट भर जाता है।
अब बात आती है कि गाय को चराना कहां है उसका रास्ता मै बताता हूं। हम चारागाह से कब्जा हटाने के लिए कानून ला रहे है।राजस्थान में 200 लोगों को छांट रहे हैं। जिन्होंने सबसे ज्यादा चारागाह पर कब्जा कर रखा हो।

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