लुधियाना| पंजाब में मोटर व्हीकल एक्ट 1988 का उल्लंघन करने वाले वाहनों के चालान लंबित हो रहे हैं। आरटीओ कार्यालयों में कई चालान समय पर निपटाए नहीं जाते, जिससे वे लंबे समय से पेंडिंग हैं। स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने आदेश दिया है कि अगर 90 दिनों के भीतर चालान का भुगतान नहीं किया गया, तो वाहन को सॉफ्टवेयर में ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए। पंजाब में अब ई-चालान प्रक्रिया लागू है, जिसमें लुधियाना आरटीओ में करीब 5,000 मैनुअल चालान और 400 ई-चालान पेंडिंग हैं। जानकारी के मुताबिक चालानों का भुगतान करने पर चालान को कोर्ट में भेज दिया जाता है। ताकि लोग कोर्ट द्वारा अपने चालान का भुगतान कर सकें। वहीं आरटीओ कुलदीप बावा ने बताया कि ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर वाहनों को ब्लैक लिस्ट करने के आदेश दिए हैं। उच्च अधिकारियों से बातचीत कर वाहनों को ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया अब शुरू की जाएगी। इसके अलावा ब्लैक लिस्ट किए जाने वाले वाहनों के भुगतान की पूरी प्रक्रिया संबंधी मीटिंग की जाएगी। गाड़ी को बेचने, रिन्यूवल व क्लेम लेने में दिक्कत आएगी ब्लैक लिस्ट होने से क्या होगा: बता दें कि साफ्टवेयर में वाहनों के ब्लैक लिस्ट होने से वाहन को बेचने व रिनुअवल और क्लेम लेने में परेशानी आ सकती है। यानि वाहन संबंधी कोई भी प्रक्रिया को वाहन चालक सफल नहीं बना पाएगा। चालान का भुगतान करने पर ही वह बेचने संबंधी प्रक्रिया शुरु कर सकता है।


