पुष्कर कॉलोनी, बलराम नगर, कुंज बिहार सहित दीनदयाल नगर क्षेत्र में इस बार मलेरिया विभाग की उदासीनता के चलते डेंगू के साथ-साथ चिकनगुनिया ने कहर बरपाया है। सीएमएचओ ने पुष्कर कॉलोनी में कैंप करवाकर चिकनगुनिया के मरीजों की जांच कराकर उनका इलाज करवा दिया। मलेरिया विभाग यह कहता रहा है वह क्षेत्र में लगातार एंटी लार्वा सर्वे कर रहा हैं। मलेरिया अधिकारी के दावों की पोल गुरुवार को उस समय खुल गई जब भोपाल से आए राज्य कीट वैज्ञानिक शैलेंद्र सिंह ने पुष्कर कॉलोनी, बलराम कॉलोनी सहित दीनदयाल नगर के क्षेत्र का निरीक्षण किया। यहां उन्हें कई जगह लार्वा मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने निरीक्षण के दौरान कहा कि क्षेत्र में ठीक से एंटी लार्वा सर्वे नहीं किया गया है। यही कारण है कि कॉलोनियों में जगह-जगह लार्वा पनप रहा है और यही लार्वा बीमारी का कारण बनता है। वह इन लार्वा को लेकर भोपाल जाएंगे जहां यह पता किया जाएगा कि इस क्षेत्र में चिकनगुनिया का कौन सा वैरिएंट सक्रिय है। डीडी नगर क्षेत्र की कॉलोनियों में चिकनगुनिया की खबर भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। मलेरिया विभाग पहले तो क्षेत्र में चिकनगुनिया का लार्वा होने के बात को नकारता रहा, लेकिन जब चिकनगुनिया से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बाद सीएमएचओ डॉ.सचिन श्रीवास्तव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में कैंप लगाए। 3 दिन के इस कैंप में 70 नए मरीजों की पुष्टि हुई थी। जिला मलेरिया अधिकारी ने दावा किया कि क्षेत्र में उनकी टीमें घूमकर एंटी लार्वा सर्वे कर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया, लेकिन निरीक्षण में उनकी पोल खुल गई। टीम को दूध डेयरी सहित कई घरों में मिला लार्वा, वैरिएंट का पता करने ले जाएंगे सैंपल इस क्षेत्र में चिकनगुनिया का कौन से वैरिएंट लोगों को संक्रमित कर रहा है। यह पता लगाने के भोपाल से राज्य कीट वैज्ञानिक शैलेन्द्र सिंह को गुरुवार को आए। उन्होंने पुष्कर कॉलोनी सहित बलराम नगर, कुंज विहार, श्याम विहार कॉलोनी सहित अन्य कॉलोनियों का सर्वे किया। सर्वे के दौरान बलराम नगर में संचालित दूध डेयरी सहित अन्य घरों के बाहर जमे पानी में बड़ी मात्रा में लार्वा मिला। यह देख शैलेन्द्र सिंह ने मलेरिया अधिकारियों से कहा कि अगर ठीक से एंटी लार्वा सर्वे व दवा का छिड़काव कराया जाता तो इतनी बड़ी मात्रा में लार्वा नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि वह शुक्रवार को भी क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। यहां जो लार्वा मिला है उसे वह अपने साथ लेकर भोपाल जाएंगे,जहां यह पता किया जाएगा कि इस क्षेत्र में चिकनगुनिया का कौन सा वैरिएंट है। चिकनगुनिया के 7 मरीज मिले, अब तक 405 पीड़ित शहर में गुरुवार को चिकनगुनिया के 7 नए मरीज मिले हैंं। शहर में अब तक 405 चिकनगुनिया के मरीज मिल चुके हैं, जबकि एक मरीज की मौत हो चुकी है। जीआरएमसी में गुरुवार को चिकनगुनिया के 14 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई। इसमें 7 मरीजों को चिकनगुनिया होने की पुष्टि हुई है। इनमें चार मरीज ग्वालियर के हैं और तीन दूसरे मरीज जिलों के हैं। डेंगू के 39 सैंपल में 5 मरीज निकले पॉजिटिव जिला अस्पताल मुरार और माइक्रो बायोलॉजी विभाग में डेंगू के 39 सैंपल की जांच की गई। जांच में 5 मरीजों को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। ये सभी 5 मरीज ग्वालियर के हैं। ग्वालियर में मिले 5 मरीजों को मिलाकर जिले में 1 सितंबर से लेकर गुरुवार तक 1311 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। अब तक 5 मरीजों की डेंगू से मौत हो गई है। इनमें 17 साल से कम उम्र के 683 बच्चे अबतक डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। जिले में जनवरी से लेकर अबतक डेंगू 1541 मरीज मिले हैं।


