चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति की कश्मोर ग्राम पंचायत के गणेशपुरा गांव में नाला निर्माण कार्य पर सवाल उठ रहे हैं। ठेकेदार द्वारा यह कार्य भरे हुए पानी में कराया जा रहा है, जिससे इसकी गुणवत्ता पर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी में सीमेंट और पत्थर का मसाला लगाने से निर्माण टिकाऊ नहीं होगा। उनका कहना है कि इस तरह से बनी दीवार लंबे समय तक नहीं टिक पाएगी। सरपंच, सचिव और ठेकेदार पर इस कार्य में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों ने इस निर्माण पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कराने, वर्तमान दीवार को हटाकर पानी निकालने के बाद नई दीवार बनाने और ठेकेदार को भुगतान रोकने की मांग की है। तीन दिन से रुका था नाला निर्माण ग्रामीणों ने बताया कि यह नाला निर्माण कार्य पिछले तीन दिनों से रुका हुआ था। ग्रामवासियों ने पहले भी इसकी शिकायत जिला कलेक्टर और विकास अधिकारी से की थी, लेकिन तब मिट्टी भरकर काम नहीं किया गया। अब काम शुरू हुआ है तो भरे पानी में हो रहा है। ये रहे मौजूद आपत्ति जताने वाले ग्रामीणों में कांग्रेस मंडल अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा, धीरज लखारा, जगदीश खंडेवाल, कन्हैया लाल आचार्य, किशन सुथार, खेमराज, नारायण, गोपाल शर्मा और रामलाल प्रजापत सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।


