चित्तौड़गढ़ में गुरुवार को कलेक्टर आलोक रंजन निरीक्षण के लिए स्कूल पहुंचे। इसके बाद 11वीं साइंस क्लास में जाकर पढ़ाना शुरू कर दिया। कलेक्टर ने लगभग आधे घंटे तक साइंस सब्जेक्ट के जरूरी टॉपिक्स को बेहद आसान और रोजमर्रा के उदाहरणों के साथ समझाया। उन्होंने केवल पढ़ाया ही नहीं, बल्कि स्टूडेंट्स से सवाल-जवाब भी किए, उनकी शंकाएं सुनीं और उन्हें आत्मविश्वास के साथ उत्तर देने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कलेक्टर ने बच्चों से कहा- अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। मीटिंग में शैक्षणिक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने स्कूल प्रशासन के साथ मीटिंग की। बैठक में शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों की बारीकी से समीक्षा की गई। पिछली बैठक में लिए गए फैसलों पर क्या प्रगति हुई, इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और लंबित कामों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। साल 2026-27 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए जरूरी सामान की खरीद, आउटसोर्सिंग सेवाएं, संविदा स्टाफ की नियुक्ति और जीईएम पोर्टल के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का भी किया निरीक्षण स्कूल के बाद जिला कलेक्टर ने राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का भी दौरा किया। उन्होंने विभिन्न क्लास रूम्स का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिए गए कि परिसर में अनुशासन और स्वच्छता बनाए रखी जाए तथा छात्रों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा संस्थानों की मजबूती ही जिले के भविष्य को मजबूत बनाती है, इसलिए व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।


