होली के त्योहार पर घर जाने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने का फैसला लिया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ये ट्रेनें विशेष रूप से चलाई जा रही हैं, ताकि त्योहार के समय सफर करने वाले लोगों को राहत मिल सके। इन स्पेशल ट्रेनों का सीधा लाभ चित्तौड़गढ़ जिले को भी मिलेगा, क्योंकि दोनों ही ट्रेनें चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर ठहराव करेंगी। इससे जिले के लोगों को देश के कई बड़े शहरों तक सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी और त्योहार के समय टिकट की परेशानी भी कुछ हद तक कम होगी। चर्लपल्ली-मदार स्पेशल ट्रेन का ठहराव चित्तौड़गढ़ में भी पहली स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 07119 चर्लपल्ली से मदार (अजमेर) के लिए चलाई जा रही है। यह साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 28 फरवरी, शनिवार को रात 11:45 बजे चर्लपल्ली से रवाना होगी और सोमवार को शाम 3:35 बजे मदार (अजमेर) पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 07120 मदार से 3 मार्च, मंगलवार को सुबह 8:20 बजे रवाना होकर बुधवार रात 11:20 बजे चर्लपल्ली पहुंचेगी। यह ट्रेन रास्ते में बोलारम, मेडचल, कामारेड्डी, निजामाबाद, बासर, धर्माबाद, मुदखेड, नान्देड, पूर्णा जंक्शन, बसमत, हिंगोली, वाशिम, अकोला, मल्कापुर, खंडवा, इटारसी, रानी कमलापति, सीहोर, मक्सी, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में एक फर्स्ट एसी, एक सेकंड एसी, 19 थर्ड एसी और दो पावरकार सहित कुल 22 डिब्बे लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी। तिरूपति-मदार स्पेशल ट्रेन से दक्षिण भारत का सीधा जुड़ाव दूसरी स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 07519 तिरूपति से मदार (अजमेर) के बीच चलाई जा रही है। यह ट्रेन 2 मार्च, सोमवार को सुबह 9:50 बजे तिरूपति से रवाना होकर बुधवार शाम 3:35 बजे मदार पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 07520 मदार से 5 मार्च, गुरुवार को सुबह 8:20 बजे रवाना होकर शनिवार सुबह 11:30 बजे तिरूपति पहुंचेगी। यह ट्रेन रेणिगुंटा, गुडूर, नेल्लोर, औंगोल, बापट्ला, तेनाली, गुंटूर, सत्तेनपल्ली, नडिकुडी, मिर्योलगुढा, नल्लगोंडा, चर्लपल्ली, बोलारम, मेडचल, कामारेड्डी, निजामाबाद, बासर, धर्माबाद, मुदखेड, नान्देड, पूर्णा जंक्शन, बसमत, हिंगोली, वाशिम, अकोला, मल्कापुर, खंडवा, इटारसी, रानी कमलापति, सीहोर, मक्सी, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में 3 सेकंड एसी, 7 थर्ड एसी, 6 स्लीपर, 4 सामान्य श्रेणी और 2 पावरकार सहित कुल 22 डिब्बे होंगे। चित्तौड़गढ़ को भी होगा फायदा इन दोनों स्पेशल ट्रेनों का लाभ चित्तौड़गढ़ जिले को भी मिलने वाला है। होली के समय बड़ी संख्या में लोग अपने गांव-शहर लौटते हैं, वहीं कई लोग बाहर काम या पढ़ाई करने जाते हैं। चित्तौड़गढ़ से दक्षिण भारत और महाराष्ट्र के शहरों तक सीधी ट्रेन सुविधा सीमित है, ऐसे में तिरूपति और चर्लपल्ली से चलने वाली इन ट्रेनों से स्थानीय यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। इससे न सिर्फ छात्रों और कामकाजी लोगों को सुविधा होगी, बल्कि व्यापारियों को भी माल और यात्रा के लिए बेहतर विकल्प मिलेंगे। त्योहार के समय बसों और नियमित ट्रेनों में भीड़ ज्यादा रहती है, ऐसे में इन स्पेशल ट्रेनों से भीड़ का दबाव कम होगा और यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी। व्यापार और पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा चित्तौड़गढ़ ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। स्पेशल ट्रेनों के ठहराव से दक्षिण भारत और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी। इससे स्थानीय होटल, व्यापार और परिवहन व्यवसाय को भी लाभ मिल सकता है। होली के मौके पर जिले के लोग भी आसानी से अपने रिश्तेदारों और परिवार से मिलने जा सकेंगे।


