चिल्फी में 12 को अंतिम मेला मड़ई संस्कृति, पर्यटन का दिखेगा संगम

भास्कर न्यूज | चिल्फी घाटी वनांचल क्षेत्र की प्रसिद्ध और ऐतिहासिक अंतिम मेला मंडई का आयोजन इस वर्ष 12 फरवरी को ग्राम पंचायत चिल्फी में होगा। यह मंडई आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा और संस्कृति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जो प्रत्येक वर्ष साप्ताहिक बाजार के दिन वर्ष में एक बार आयोजित किया जाता है। मंडई को लेकर ग्राम पंचायत द्वारा तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन के दिन दूर-दराज के गांवों से आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचकर देवी-देवताओं की पूजा करेंगे और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। मंडई में पारंपरिक लोक नृत्य, लोक गीत, देवी- देवताओं की झांकियां, हाट-बाजार और ग्रामीण व्यापार आयोजन की पहचान रहेंगे। आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत इस दिन पूरे वैभव के साथ देखने को मिलेगी। साथ ही हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद और पारंपरिक वस्तुएं भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मंडई मेले में बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए बड़े झूले, नाव झूला, ब्रेक डांस, ड्रैगन झूला, मौत का कुआं खिलौना और मिठाई की दुकानें लगाई जा रही हैं। इसके साथ ही रस्साकसी, गुलेल प्रतियोगिता और बच्चों के पारंपरिक खेल भी होंगे।

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