चीन ने सोमवार को दुनिया को अपनी तकनीकी ताकत दिखाई। एक कार्यक्रम में इंसानों जैसे दिखने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने मार्शल आर्ट्स और डांस किया। करीब 25 रोबोट्स बच्चों के साथ तलवार भांजते, बैकलिफ्ट करते और डंडे घुमाते हुए डांस करते दिखाई दिए। खास बात यह रही कि एक भी रोबोट गिरा नहीं। यह प्रदर्शन देख दुनिया हैरान रह गई। कई लोगों के मन में सवाल उठा कि अगर रोबोट अब नाच सकते हैं और कुंग फू कर सकते हैं, तो वे और क्या कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह प्रदर्शन पिछले साल के मुकाबले बिल्कुल अलग था। पिछले साल रोबोट्स सिर्फ रुमाल घुमाते और साधारण हरकतें करते नजर आए थे। लेकिन एक साल में सबकुछ बदल चुका है। चीन दुनिया को खासकर अमेरिका को दिखाना चाहता है कि वह तकनीक में बहुत आगे निकल चुका है। लोगों की जिंदगी बदल रहा रोबोट AI पॉलिसी एक्सपर्ट रमेश श्रीनिवासन ने अल जजीरा से कहा कि यह प्रदर्शन दिखाता है कि चीन ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। लंबे समय में इन रोबोट्स का इस्तेमाल उद्योग और खेती जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है, खासकर ऐसे समय में जब चीन की आबादी लगातार घट रही है। इन घटनाओं ने कई अहम भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोट के रूप में हमारे बीच आएगा, तो इसका असर आम कामगार लोगों की नौकरी और कमाई पर क्या होगा? अगर ऐसे रोबोट युद्ध के मैदान में इस्तेमाल होने लगे तो क्या स्थिति बनेगी? श्रीनिवासन का कहना है कि यह तकनीक हमारे भविष्य को आर्थिक, सैन्य और निजी जीवन के स्तर पर बदल देगी। लोग रोबोट और एआई को थेरेपिस्ट, साथी और यहां तक कि संभावित जीवनसाथी के रूप में भी अपनाने लग सकते हैं। उनके मुताबिक असली सवाल यह है कि क्या हम सच में ऐसा भविष्य चाहते हैं? और ह्यूमनॉइड रोबोट्स का इस्तेमाल किन क्षेत्रों में सही है और किन क्षेत्रों में नहीं होना चाहिए? उन्होंने कहा कि तकनीक के साथ ऐसा संतुलन बनाना होगा जिससे भविष्य बेहतर हो। सबसे जरूरी है कि लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें, क्योंकि खासकर अमेरिका में AI लोगों को एक-दूसरे से दूर कर रहा है और इस बारे में साफ रिसर्च भी सामने आ रहे हैं।


