चुनावी रंगत में भोजन के आयोजन पर गर्माता रहा माहौल:उदयपुर बार एसो​सिएशन चुनाव 13 दिसंबर को, कोर्ट परिसर में भट्टी लगा शुरू हुआ नाश्ता बंद कराया

उदयपुर बार एसोसिएशन के 13 दिसंबर को होने वाले चुनाव को लेकर एक दिन पहले गुरुवार को कोर्ट परिसर में सियासी माहौल रहा। तमाम विरोध और शिकायत के बाद गुरुवार को कोर्ट परिसर में नाश्ता रखा गया। कोर्ट परिसर में ही भट्टी लगा दी गई और हलवाई द्वारा पोहे-आलू बड़े आदि बनाने का काम शुरू हो गया। कुछ देर बाद पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और नाश्ता बंद कराया गया। इसके बाद माहौल गर्मा गया। आपसी समझाइश से मामला शांत हुआ। इससे पहले कोर्ट परिसर में सुबह से ही भोजन के आयोजन को लेकर माहौल गर्माता रहा। इसे लेकर वकीलों की अलग-अलग राय थी। बताया जा रहा है कि एक एडवोकेट के जन्मदिन उपलक्ष्य में यह नाश्ता रखा गया था लेकिन वहीं, दूसरा पक्ष इसे चुनाव में प्रत्याशी के समर्थन से जोड़कर देख रहा है। यही वजह है कि कुछ एडवोकेट्स ने सेशन कोर्ट जज को पत्र लिखकर इस तरह के भोजन निरस्त करने की मांग की थी। कोर्ट परिसर में भोज को लेकर चुनाव अधिकारी का इस्तीफा
एक दिन पहले बुधवार शाम को चुनाव अधिकारी सीनियर एडवोकेट सुरेश द्विवेदी ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस्तीफे में लिखा था कि मतदाता व प्रत्याशी चुनाव नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। 10 दिसंबर को प्रत्याशियों को नोटिस भेजा था। फिर भी वे सहयोगी मतदाता के साथ मिलकर जन्मदिन की आड़ में कोर्ट परिसर में भोज कर रहे हैं। ऐसे में वे चुनाव में सहयोग नहीं कर सकते हैं। 13 को सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक वोटिंग, शाम को रिजल्ट
वोटिंग सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगी। शाम 5 बजे बाद रिजल्ट घोषित किया जाएगा। कुल 2929 एडवोकेट मतदान करेंगे। इस बार अध्यक्ष पद के लिए 5, उपाध्यक्ष के दो, महासचिव के 2, सचिव के दो, वित्त सचिव के लिए 2 और पुस्तकालय सचिव के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में है। चुनाव के बीच अध्यक्ष और महासचिव के बीच विवाद
चुनाव के बीच ही बीते दो दिन से अध्यक्ष भरत जोशी और महा​सचिव राजेश शर्मा के बीच चैंबर निर्माण के बदले वकीलों से लिए गए 5.12 लाख रुपए को लेकर विवाद चल रहा है। जानकारी अनुसार कोर्ट परिसर में एडवोकेट्स के लिए 64 चैंबरों के निर्माण के लिए 512 एडवोकेट से 1-1 हजार रुपए लिए गए थे। इससे 5.12 लाख रुपए एकत्र हुए। अब कोर्ट की नई बिल्डिंग बलीचा में बनना प्रस्तावित है। ऐसे में एडवोकेट्स के पैसे लौटाने और नहीं लौटाने पर यह विवाद शुरू हुआ था।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *