प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य चुनाव आयुक्त अलका तिवारी से शुक्रवार को मिल कर बताया कि निकाय चुनाव में बूथ कैप्चरिंग की आशंका है। राज्य सरकार अपनी हार को जीत में बदलने के लिए पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग कर सकती है। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने, मतदाताओं के बीच सुरक्षा का भाव लाने तथा अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की जिम्मेवारी राज्य चुनाव आयोग की है। ऐसे में सभी बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती होनी चाहिए। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने सभी मतदान केंद्रों, बज्रगृहों और मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी लगाने का आग्रह किया। आदित्य साहू ने कहा कि मतदान से लेकर मतगणना तक की निगरानी होनी चाहिए। यह चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पत्रों से हो रहा है। ऐसी आशंका है कि मतदान से लेकर मतगणना तक सरकारी तंत्र का भरपूर दुरुपयोग हो सकता है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी राज्य के शहरी क्षेत्रों में अधिकतर मतदान केंद्र संवेदनशील और अतिसंवेदनशील की श्रेणी में आते हैं, जहां केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती होती रही है। राज्य चुनाव आयोग का दायित्व पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव कराने की है, ऐसे में यह घड़ी आयोग के परीक्षा की भी है। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक, विधि प्रकोष्ठ के संयोजक सुधीर श्रीवास्तव और चंद्रप्रकाश शामिल थे।


