चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने 3 संतान होने पर चुनाव नहीं लड़ने के नियम में संशोधन कराने का मुद्दा सदन के सामने रखा। आक्या ने कहा कि आने वाले पंचायती राज, नगर निगम और सहकारिता के चुनाव से पहले इस नियम में संशोधन किया जाए। जिनके 3 बच्चों से ज्यादा है, वो भी चुनाव लड़ सके।
अगर ऐसा नहीं कर सकते तो विधायक और सांसद के लिए भी यही नियम लागू करें। इस पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने इस विषय की गंभीरता को देखते हुए इस पर संज्ञान लेने का आश्वासन दिया। 1995 के बाद कर दिया अयोग्य घोषित
विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने विधानसभा पर अपनी बात रखते हुए कहा कि पंचायती राज, नगर निगम या सहकारिता में किसी के 3 बच्चे होते हैं, उन्हें चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होता है। किसी के 3 बच्चे हो या 5, सबको चुनाव लड़ने का अधिकार मिलना चाहिए। 1995 के बाद 3 संतान होने पर पंचायतीराज और अन्य चुनावों में उम्मीदवार को अयोग्य घोषित कर चुनाव नहीं लड़ने दिया जाता है। राजस्थान के निकटवर्ती राज्य मध्यप्रदेश में गत चुनाव से तीसरी संतान के नियम को हटा दिया गया। इसी तरह, राजस्थान में भी पंचायतीराज और अन्य सभी चुनावों में (लोकसभा व विधानसभा चुनाव को छोड़कर) 1995 के बाद तीन संतान होने पर अयोग्य घोषित करने के नियम को हटाया जाए। विधायक और सांसद पर भी लागू करें नियम
विधायक आक्या ने कहा कि अगर इस नियम को आगे लागू रहने देना चाहते हैं तो विधायक और सांसद पर भी यह लागू होना चाहिए। यह एक गंभीर मामला है। कई लोग ऐसे हैं, जिनकी दो-दो लड़कियां हो गई और उसके बाद लड़के के चाह में 3 से ज्यादा बच्चे हो गए। अब वह चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। संसदीय मंत्री बोले- विषय गंभीर, संज्ञान लेंगे
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि चित्तौड़गढ़ विधायक का बोला हुआ विषय गंभीर है। इसका जवाब देने का परिपाटी नहीं है] लेकिन विशेष परिस्थिति में अध्यक्ष ने जवाब देने की अनुमति दी है। विधायक द्वारा लाया गया विषय किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं रखता है। यह विषय आमजन से संबंध रखता है। राजस्थान सरकार इस संबंध में गंभीर भी है। नौकरी में प्रमोशन के विषय में भी यह नियम था, जिसको राज्य सरकार ने हटाया है। इसलिए जो विषय रखा है उसकी गंभीरता को समझते हुए यह विशेष अनुमति दी है। राज्य सरकार इस पर संज्ञान लेंगे।


