चूरू में होलिका दहन शुभ मुहूर्त में संपन्न हुआ। शहर के अगुणा मोहल्ला स्थित संचिया माता मंदिर के सामने रात 2.15 बजे होलिका दहन किया गया। इससे पूर्व विद्वान पंडित महेंद्र शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका पूजन करवाया। मोहल्ले के सात जोड़ों ने पूजा-अर्चना कर घर में सुख-समृद्धि की कामना की। पंडित महेंद्र शास्त्री के अनुसार संवत् 2083 में पूर्णिमा तिथि 2 मार्च, सोमवार शाम 5.07 बजे शुरू हुई थी। इसके 57 मिनट बाद भद्रा काल प्रारंभ हो गया, जो 3 मार्च की सुबह 5.20 बजे तक रहा। इसके अतिरिक्त 3 मार्च, मंगलवार को चंद्रग्रहण का सूतक सुबह 6.20 बजे से शुरू होना था। उन्होंने बताया कि होलिका दहन का शुभ मुहूर्त भद्रा पुच्छ भाग में रात 1.52 बजे से 2.35 बजे के बीच था। इसी कारण अगुणा मोहल्ला में संचिया माता मंदिर के सामने रात 2.15 बजे होलिका दहन किया गया। होलिका दहन से पहले महिला और पुरुषों ने होलिका की परिक्रमा कर घर में सुख-शांति की कामना की। लोगों ने चने और गेहूं की फसल के बूटों को होलिका की अग्नि से निकालकर अपने घरों को ले गए, जिसे शुभ माना जाता है। इस अवसर पर मोहल्ले के कई गणमान्य व्यक्ति और निवासी मौजूद थे। इनमें रवि दाधीच, राकेश दाधीच, मन्नालाल भाटी, दिनेश भाटी, दीपचंद खींची, ख्यालीराम खींची, जय सिंह कोठारी, राजकुमार सिंगी, सुरेंद्र स्वामी, चांद स्वामी, सुरेंद्र तंवर, पवन, कैलाश, विनोद जाट, ताराचंद जाट, हीरालाल खींची, अमित सैनी, आशीष, अक्षय खींची, आकाश खींची, जयप्रकाश, अशोक तंवर, शंकरलाल तंवर, घनश्याम, कालू, नमन भाटी और विहान शामिल थे।


