चूरू में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। सर्द हवाओं के साथ कोहरे ने ठिठुरन बढ़ा दी, जिससे लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर होना पड़ा। घने कोहरे के चलते सड़कों पर वाहनों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। सुबह के समय लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई; जल्दी उठने वाले लोग देर तक बिस्तर पर रहे और सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़ों में बैठे रहे। बर्फीली हवाएं चुभती रहीं। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति भी हो रही है, जिससे आज पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में इसका सर्वाधिक असर होने की प्रबल संभावना है। शर्मा के अनुसार, 29 और 30 जनवरी को सुबह के समय कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि एक और नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 31 जनवरी और 1 फरवरी को राज्य के उत्तरी और पूर्वी भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। सुबह के समय छाने वाला घना कोहरा चने की फसल के लिए काफी लाभदायक साबित होगा।


