भास्कर न्यूज | बेमेतरा जिले में बिना अनुमति शिवनाथ नदी से सिंचाई के लिए पानी उपयोग करने के मामले में काटे गए बिजली कनेक्शन बुधवार को पुनः बहाल कर दिए गए। जिला प्रशासन के आदेश पर पिछले सप्ताह विद्युत कंपनी ने आधा दर्जन से अधिक गांवों के सिंचाई पंपों के बिजली कनेक्शन काट दिए थे। कांग्रेस की ओर से 24 घंटे का अल्टीमेटम और कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी के बाद कंपनी ने दिनभर अभियान चलाकर कनेक्शन जोड़ दिए। जिला प्रशासन ने ग्रीष्मकालीन पेयजल और निस्तारी की जरूरतों को देखते हुए शिवनाथ नदी में उपलब्ध पानी को संरक्षित रखने का निर्णय लिया है। प्रशासन का कहना है कि भूजल स्तर में लगातार गिरावट हो रही है, इसलिए बिना अनुमति सिंचाई के लिए नदी का पानी लेने पर कार्रवाई की जा रही थी। इसी क्रम में मोटर पंप जब्त करने और बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई हुई थी। इस कार्रवाई से प्रभावित गांवों में जेवरी बीजा भाट, अमोरा, बावनलाख, सरदा, अतर, अतरगढ़ी और बूढ़ाजौग सहित आसपास के कई गांव शामिल थे। किसानों ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर बिना पूर्व सूचना बिजली काटे जाने पर आपत्ति दर्ज कराई और शीघ्र बहाली की मांग थी। मामले को लेकर किसानों ने पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष छाबड़ा से संपर्क किया। उन्होंने किसानों की मांगों के समर्थन में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और 19 फरवरी को दोपहर 12 बजे जिला कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी दी। इसके बाद कनेक्शन जोड़ा गया। वर्षों से कर रहे हैं खेती बिजली बहाल होने के बाद गांवों में सिंचाई पंप फिर से चालू हो गए हैं। किसानों का कहना है कि वे वर्षों से शिवनाथ नदी के पानी से ग्रीष्मकालीन धान सहित सब्जी एवं अन्य फसलें लेते रहे हैं। उनका तर्क है कि बरसात में बाढ़ के कारण नदी किनारे के खेतों में पानी भर जाता है, जिससे खरीफ फसल को नुकसान होता है। ऐसे में गर्मी के मौसम की फसल ही उनके आजीविका का मुख्य आधार है। इधर प्रशासन का कहना है कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए जल संरक्षण प्राथमिकता है। नदी किनारे हजारों की संख्या में सिंचाई पंप चल रहे।


