राजस्थान के कैंडिडेट का प्रदर्शन UPSC-2025 में शानदार रहा है। सीकर की रहने वाली एक पूर्व छात्रनेता भी सक्सेसफुल कैंडिडेट की लिस्ट में है। नाम है नेहा राबिया। दिल्ली के फेमस मिरांडा हाऊस कॉलेज की प्रेसिडेंट रहीं नेहा ने इस एग्जाम में 690वीं रैंक हासिल की है। उन्हें ये सफलता चौथी कोशिश में मिली है। जिले के बीपुरा गांव की रहने वाले राबिया की सक्सेस के बाद पूरे गांव-परिवार में जश्न का माहौल है। दैनिक भास्कर रिपोर्टर जब उनसे बात करने पहुंचे उसे दौरान भी वे परिवार के साथ डांस कर रही थीं। उन्होंने भास्कर एप के साथ एगजाम तैयारी, फेलियर फेज, परिवार का सपोर्ट और रिजल्ट तक के दिन के अपने एक्सपीरियंस शेयर किए। पढ़िए- पूरा इंटरव्यू… भास्कर: इस सिलेक्शन के बाद कैसा महसूस कर रही हैं? नेहा: इस सफलता के लिए मैंने बहुत सब्र किया है, और आज मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। जिनकी वजह से मुझे यह पल जीने का मौका मिला। भास्कर: 12वीं बोर्ड एग्जाम में 95 प्रतिशत नंबर और फिर कॉलेज में स्टूडेंट पॉलिटिक्स में कैसे? नेहा: स्टूडेंट यूनियन के इलेक्शन से खुद में टेक्निकली लीडरशिप डेवलप करने का लक्ष्य था, न कि किसी भी प्रकार की राजनीति में जाने का। उसकी वजह से करियर बनाने में सहायता मिली। मैं चुनाव लड़ी और जीती। जिससे मुझे लोगों के साथ जुड़ने और उनकी समस्याएं कैसे सुलझाईं जा सके। ये सीखने को मिला। वहीं से मुझे यूपीएससी परीक्षा की प्रेरणा मिली। भास्कर: छात्रसंघ चुनावों से निकले मुख्यधारा के नेता बनते हैं, क्या आप राजनीति से दूर हो गईं? नेहा: नहीं सर, मेरी छात्रसंघ चुनाव में भागीदारी राजनीति में आने के लिए नहीं थी। मेरा मकसद सिर्फ अपने कॉलेज के छात्रों के लिए खड़े रहना, उनकी समस्याओं को प्रशासन के सामने बेहतर ढंग से रखना और उनका समाधान करवाना था। इसके अलावा मेरा किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं था। वहीं, से मैंने सीखा कि विभिन्न विचारों को एक मंच पर कैसे लाया जाता है। उन्हें कैसे प्रस्तुत किया जाता है, और वहीं से मुझे भविष्य में जनसेवा करने की प्रेरणा मिली। भास्कर: यूपीएससी इंटरव्यू में किस प्रकार के प्रश्न पूछे गए? नेहा: मेरे इंटरव्यू में मुझसे मेरी जड़ों से जुड़े प्रश्न पूछे गए, जैसे कि मैं कहां से आती हूं, किस गांव और प्रदेश की हूं। मुझसे कुछ समसामयिक मामलों पर भी प्रश्न पूछे गए। राजस्थान को रेगिस्तानी प्रदेश कहे जाने के कारण मुझसे अरावली पर्वत श्रृंखला और नदियों के बारे में पूछा गया। निजी और सरकारी स्कूलों की शिक्षा में अंतर के बारे में पूछा गया। मेरी रुचियों के बारे में भी पूछा गया। मुझे धार्मिक यात्राएं पसंद होने के कारण मुझसे धार्मिक यात्राओं में आने वाली समस्याओं और संभावित सुधारों के बारे में पूछा गया। सीकर से होने के कारण मुझसे इंटरव्यू में सीकर के कोचिंग हब के बारे में भी प्रश्न पूछे गए। भास्कर: इंटरव्यू में छात्रसंघ चुनाव से जुड़ा कोई सवाल था? नेहा: मुझसे यह भी पूछा गया कि क्या मैं किसी ऐसी नेता को जानती हूं जो मेरे ही मिरांडा हाउस कॉलेज से छात्र संघ अध्यक्ष बनीं और आज राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन राजनीति में मेरी रुचि न होने के कारण मुझे इस सवाल का जवाब नहीं पता था। भास्कर: यूपीएससी के उम्मीदवारों के लिए कोई सफलता मंत्र देना चाहेंगी? नेहा: यह मेरा चौथा प्रयास था। पहले तीनों प्रयासों में तो शायद समझ ही नहीं थी कि यह क्या है? शायद मैंने ढंग से देखा और समझा ही नहीं कि क्या है और कैसे करना है। जो भी यूपीएससी परीक्षा के बारे में सोच रहा है, उसे पूरी तरह से जांच-पड़ताल कर लेनी चाहिए कि क्या करना है, कैसे करना है, किन स्रोतों का पालन करना है और कैसे तैयारी करनी होगी। टॉपर्स के वीडियो देखकर फिर तैयारी करना और मेहनत करना जल्दी सफलता की ओर ले जाता है। भाग्य भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मेहनत के साथ-साथ ईश्वर का साथ भी उतना ही जरूरी होता है।
भास्कर: गांव की लड़की नेहा को आगे बढ़ने में परिवार का किस प्रकार साथ मिला नेहा: यह परिवार का सहयोग ही था कि चौथे प्रयास तक सबने भरोसा बनाए रखा। वरना आमतौर पर लड़कियों को तो यह कह दिया जाता है कि अगर चयन नहीं हो रहा है तो रहने दो या फिर शादी कर लो। लेकिन मेरे परिवार ने हमेशा यही कहा कि इस बार नहीं तो अगली बार हो जाएगा( आखिरकार चौथे प्रयास में सफलता हासिल मिल ही गई। भास्कर: 12वीं में साइंस मैथमेटिक्स की स्टूडेंट थीं, तो फिर यूपीएससी में ऑप्शनल सब्जेक्ट कौन सा रहा? नेहा: 12वीं के बाद मैथमेटिक्स ऑनर्स से ग्रेजुएशन की, तो उस दौरान जनरल इलेक्टिव सब्जेक्ट ज्योग्राफी था, इसलिए यूपीएससी परीक्षा के ऑप्शनल के रूप में भी ज्योग्राफी को चुना। अगर ह्यूमैनिटीज का सब्जेक्ट होता तो ज्यादा मदद मिलती, क्योंकि ह्यूमैनिटीज में जियोग्राफी, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री सब एक साथ आ जाते हैं। वैसे यूपीएससी परीक्षा की पढ़ाई में ज्यादा परेशानी नहीं हुई, लेकिन अगर ह्यूमैनिटीज को ऑप्शनल सब्जेक्ट बनाया होता तो शायद ज्यादा अच्छे से समझ आता। नेहा के दादा गोरखराम राबिया हेडमास्टर पद से रिटायर्ड है। पिता महेंद्र सिंह किसान हैं, मां सुलोचना देवी गृहिणी हैं। भाई जयंत राबिया B.Sc. B.Ed. कर रहा है। बहन सोनिया ने बताया कि नेहा की सक्सेस ने पूरे परिवार को फ्यूचर के लिए मोटिवेट किया है। — UPSC-2025 के रिजल्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…. ‘यूपीएससी टॉप करने के लिए सिर्फ पढ़ाई जरूरी नहीं’:टॉपर अनुज ने कहा- फिल्में देखी, दोस्तों के साथ घूमा, कभी निगेटिव नहीं सोचा 26 साल की उम्र में यूपीएससी टॉप करने वाले अनुज अग्निहोत्री राजस्थान के चितौड़गढ़ जिले के रहने वाले हैं। शुक्रवार को यूपीएससी 2025 का रिजल्ट आने के बाद दैनिक भास्कर एप की टीम ने अनुज अग्निहोत्री से बात की। पूरी खबर पढ़िए…


