छतबीड जू में अर्जुन और गौरी के शावकों का नामकरण:गजल, गुंजन और गरिमा नाम रखा नाम, अप्रैल में जू को होंगे 50 साल

पंजाब के मोहाली स्थित महेंद्र चौधरी जूलॉजिक पार्क (छतबीड़ जू) के शेर-शेरनी गौरी और अर्जुन ने तीन शावकों को जन्म दिया है। आज (19 फरवरी) को यह तीनों तीन महीने के हो गए। जिसके बाद आज उनका नामकरण किया गया है। इन शावकों को गुंजन, गजल और गरिमा का नाम दिया गया है। इस मौके वन मंत्री लाल चंद कटारूचक खुद छतबीड़ जू मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि इसके बाद अब इन तीनों शावकों को नए एरिया में जू के अंदर छोड़ा गया । यह वन विभाग का नियम है। उन्होंने कहा कि यह तीनों बच्चे फीमेल है। वहीं, उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने में छतबीड जू को पूरे 50 साल हो जाएंगे। इसको लेकर भी भविष्य में प्रोग्राम करवाए जाएंगे। संस्था के नियमों का पालन कर रहे मंत्री ने बताया तीनों शावकों को उनके छोटे कमरे से एक बड़े कमरे में शिफ्ट किया। इंटररेशनल जू को आरगेनाइज करने वाली संसथा बाजा की गाइड लाइंस को फॉलो किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अप्रैल में छतबीड जू को 50 साल पूरे हो रहे है। पंजाब चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल के लोग जानवरों को देखने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में उन्हें भी जू विजिट करने का न्योता देते है। उन्होंने बताया कि जल्दी ही अगली प्लानिंग तैयार की जाएगी।
जानवरों को बचाने पर रणनीति
जानवर हमारे जीवन का हिस्सा है। इन्हें किस तरह सुरक्षित रखना है। इसको लेकर भी आज स्ट्रेटजी तैयार की गई है। क्योंकि अब शहरों का विस्तार हो रहा है। नई टेक्नोलॉजी आ रही है। ऐसे समय में यह जानवर खुद को असहज महसूस करते है। जबकि पक्षी हमारी धरोहर है। ग्रंथों में इनका जिक्र है। ऐसे में कई मुददो पर रणनीति बनी है।

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