छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने अवैध उत्खनन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। महाराजपुर तहसील के ग्राम मलका में स्वीकृत लीज एरिया से बाहर जाकर ग्रेनाइट खोदने पर पट्टेदार सीमा खरे पर 8 करोड़ 64 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जांच में सामने आया कि उन्होंने दूसरे की लीज वाली जमीन से 2880 घनमीटर ग्रेनाइट निकालकर बेच दिया। खनिज निरीक्षक की रिपोर्ट के मुताबिक, मेसर्स स्वास्तिक इंटर प्राइजेज (कानपुर) को ग्राम मलका के खसरा नंबर 470 में 2.700 हेक्टेयर क्षेत्र पर ग्रेनाइट खनन का पट्टा मिला था। इसी खसरे के दूसरे हिस्से (3.000 हेक्टेयर) पर सागर रोड निवासी सीमा खरे को पट्टा स्वीकृत है। सीमांकन के दौरान पाया गया कि सीमा खरे ने अपनी सीमा से बाहर जाकर स्वास्तिक इंटर प्राइजेज के हिस्से वाली 1.020 हेक्टेयर जमीन पर अवैध खनन कर लिया। 45 मीटर लंबाई और 10 मीटर गहराई तक खोदा जांच में पता चला कि सीमा खरे ने स्वीकृत क्षेत्र के बाहर 45 मीटर लंबाई, 40 मीटर चौड़ाई और 10 मीटर गहराई में अवैध खनन किया। साथ ही, खनन से निकला मलबा भी दूसरे के क्षेत्र में डाल दिया। नियमों के मुताबिक, कुल खोदे गए हिस्से का 40% बिक्री योग्य ग्रेनाइट माना गया, जो 2880 घनमीटर होता है। ऐसे हुई 8 करोड़ 64 लाख के जुर्माने की गणना कलेक्टर ने मप्र खनिज नियम 2022 के तहत यह कार्रवाई की है। जुर्माने का गणित इस प्रकार है… अवैध खनन: 2880 घनमीटर ग्रेनाइट। रॉयल्टी: 1000 रुपए प्रति घनमीटर के हिसाब से 28,80,000 रुपए। अर्थदंड: रॉयल्टी का 15 गुना यानी 4,32,00,000 (4.32 करोड़) रुपए। पर्यावरण क्षतिपूर्ति: अर्थदंड के बराबर राशि यानी 4,32,00,000 (4.32 करोड़) रुपए। कुल जुर्माना: 8,64,00,000 (8 करोड़ 64 लाख) रुपए। वसूली के आदेश जारी कलेक्टर ने खनिज अधिकारी को निर्देशित किया है कि इस जुर्माने को शास्ति पंजी में दर्ज करते हुए वसूली की कार्रवाई की जाए और राशि सरकारी खजाने में जमा कराई जाए। साथ ही 1000 रुपए प्रशमन राशि जमा करने पर ही प्रकरण का निपटारा हो सकेगा।


