सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले निकाली जा रही छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथयात्रा सोमवार को अपने 9वें दिन सिरपुर मेला क्षेत्र के आसपास के गांवों में पहुँची। रथयात्रा सिरपुर, खमतरई, मरौद, रायकेरा, केडियाडीह, चुहरी, कुर्राडीह, पासीद और बोरिद सहित करीब 10 गांवों में भ्रमण किया। रथ में छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, अनाज और प्राकृतिक संसाधनों की लूट को चित्रों के माध्यम से दिखाया गया, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रथयात्रा में अवैध करणी कृपा उद्योग से हो रहे प्रदूषण पर भी सवाल उठाए गए। बताया गया कि इस उद्योग से जल, जंगल, जमीन और फसल को नुकसान हो रहा है और सिरपुर जैसे विश्व धरोहर स्थल पर भी इसका असर पड़ रहा है। रथयात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ी महतारी की वंदना और जागरण गीतों के माध्यम से लोगों को अपनी भाषा और संस्कृति को बचाने का संदेश दिया गया। प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों का विरोध गांवों में हुई सभाओं को किसान नेता लाला राम वर्मा, छन्नूलाल साहू, अशोक कश्यप, परसराम ध्रुव, अवधराम साहू और रूपसिंह निषाद ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ी महतारी की अस्मिता, भाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए यह आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और प्रशासन की भूमिका के खिलाफ विरोध और तेज किया जाएगा।


