छत्तीसगढ़ी के संरक्षण व संवर्धन का लिया संकल्प

रामानुजगंज | छत्तीसगढ़ राज्य भाषा आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. प्रभात मिश्रा के आगमन पर स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिले के साहित्यकारों एवं भाषा प्रेमियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आयोग के कार्य, उद्देश्य और नीतियों के क्रियान्वयन संबंधी सुझाव प्राप्त करना था। डॉ. मिश्रा ने कहा कि आयोग का मुख्य लक्ष्य छत्तीसगढ़ी सहित प्रदेश की लोकभाषाओं का संरक्षण, संवर्धन और विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने साहित्यकारों से आग्रह किया कि वे भाषा के प्रचार-प्रसार, शैक्षणिक उपयोग, शोध और प्रकाशन से जुड़े ठोस सुझाव दें। साहित्यकारों ने छत्तीसगढ़ी व्याकरण, शब्दकोश निर्माण, साहित्य सृजन, लोकसाहित्य संकलन और नई पीढ़ी में भाषा जागरूकता बढ़ाने पर विचार साझा किए। उन्होंने छत्तीसगढ़ी को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके अतिरिक्त स्कूलों और महाविद्यालयों में भाषा अध्ययन को बढ़ावा देने और स्थानीय साहित्यिक गोष्ठियों व कार्यशालाओं के आयोजन की सिफारिश की गई। अंत में डॉ. मिश्रा ने सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि सुझावों को आयोग की आगामी कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। बैठक सकारात्मक संवाद और भाषा विकास के संकल्प के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर राजेश तिवारी, रामसेवक गुप्ता, नरेश ठाकुर, एचडी पांडे, विपिन पाठक, वेद प्रकाश केशरी, लालमन सोनी, शिवकुमार यादव, प्रहलाद सोनी, गिरीश नारायण तिवारी और रमेश मिश्रा सहित जिले भर के साहित्यकार उपस्थित थे।

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