छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने आज वर्चुअल माध्यम से फास्टर सेल और पांच जिला न्यायालयों में डिजिटाइजेशन सेंटर का उद्घाटन किया। इन न्यायालयों में धमतरी, उत्तर बस्तर कांकेर, कोंडागांव, जगदलपुर और दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा शामिल हैं। कार्यक्रम में कम्प्यूटराइजेशन कमेटी के चेयरमैन नरेंद्र कुमार व्यास की उपस्थिति रही। साथ ही उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एनके चन्द्रवंशी, राकेश मोहन पाण्डेय, रविन्द्र अग्रवाल और विभुदत्त गुरू भी मौजूद रहे। न्यायालयों के डिजिटलीकरण से मिलेगी राहत मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायालयों के डिजिटलीकरण से अधिवक्ता, न्यायाधीश और कर्मचारियों को फाइलों के बोझ से राहत मिलेगी। प्रकरणों से जुड़े दस्तावेज अब आसानी से मिल सकेंगे। इससे न्यायालयीन कार्यवाहियों का तेजी से निपटारा होगा। धमतरी के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकुमार तिवारी ने भी अपने विचार रखे। कांकेर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार ध्रुव ने मुख्य न्यायाधीश का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य, न्यायालय कर्मचारी, जिला प्रशासन के अधिकारी, पुलिस प्रशासन और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी ने न्यायालयों के आधुनिकीकरण के लिए मिली वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन के लिए आभार जताया।


