छत्तीसगढ़ के वित्तमंत्री ओपी चौधरी द्वारा मंगलवार को पेश किए गए बजट को भाजपा ने विकास का बजट बताया है। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पूंजीगत निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। भाजपा नेताओं ने कहा कि बजट में सरगुजा-बस्तर जैसे आदिवासी अंचलों के विकास का रोडमैप दिया गया है। वहीं पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने बजट का निराशाजनक बताया है। सिंहदेव ने कहा कि अधोसंरचना विस्तार की बातें हो रही हैं, लेकिन प्रावधान निराशाजनक है। वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को अपना तीसरा बजट विधानसभा में पेश किया। इस बजट में सरगुजा व बस्तर जैसे क्षेत्रों में शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन, अधोसंरचना विकास के लिए प्रावधान किए गए हैं। बजट को लेकर भाजपा एवं कांग्रेस के नेता आमने-सामने हैं। भाजपा इसे विकास का बजट बता रही है, वहीं कांग्रेस ने इसमें युवा, अन्नदाता, महिलाओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है। बजट 2026 में सरगुुजा को क्या मिला- मंत्री राजेश अग्रवाल बोले-ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुधरेगी
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बजट में पूंजीगत निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। पर्यटन विकास व अधोसंरचना के साथ चिकित्सा सुविधा बढ़ाने राशि का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास एवं उद्योगों पर जोर दिया गया है। पहुंचविहीन क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने की योजना है। किसानों के लिए बजट में राशि का प्रावधान किया गया है। इससे तेजी से विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नींव-भारत सिंह
भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि वित्तमंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट में ग्रामीण विकास, अधोसंचना विकास, सड़कों के निर्माण के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रावधान किए गए हैं। यह अच्छी पहल है। शहरों से लेकर गांवों के विकास के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। निराशाजनक है बजट-टीएस सिंहदेव
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहाकि राज्य सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष में रखे गए बजट के लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया है। ऐसे में राज्य सरकार का 1.72 लाख का बजट प्रोविजन बेमानी है। राज्य सरकार का राजस्व व्यय पिछले बजट की राशि 1.38 लाख की तुलना में बढ़कर 1.45 लाख करोड़ हो गया है। उसकी तुलना में पूंजीगत व्यय 26341 करोड़ रुपए से बढ़कर 26500 करोड़ हुआ है जो बेहद निराशाजनक है। सिंहदेव ने कहा कि एक ओर प्रदेश की सरकार डबल इंजन के नाम पर अधोसंरचना विस्तार की बड़ी बडी बात कर रही है, वहीं प्रावधान ऊंट के मुंह में जीरा होगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- गरीबों, अन्नदाताओं से छल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि बजट में गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी के साथ छल किया गया है। मनरेगा के स्थान पर लायी गयी जी राम जी योजना के लिए बजट में मात्र 4000 करोड़ का योगदान है। यह केंद्र के अंशदान को मिलाकर है। प्रदेश में 85 लाख मजदूरों को 125 दिन के काम का भुगतान 26 हजार करोड़ होगा। यह बजट बताता है कि गरीबों के साथ धोखा हुआ है। महतारी वंदन के मद में मात्र 8200 करोड़ का प्रावधान है, जबकि विगत वर्ष इसपर 14000 करोड़ खर्च हुए। तो क्या सरकार इसमें छटनी करने जा रही है। स्वास्थ्य, आवागमन को बेहतर करना जरूरी-संजय
उद्योगपति एवं अग्रवाल समाज के जिलाध्यक्ष संजय मित्तल ने कहा कि बजट में पर्यटन, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, ग्रामीण उद्योगों की स्थापना के लिए बजट में राशि का प्रावधान किया गया है, जो स्वागत योग्य है। सड़क परिवहन के साथ हवाई सेवाओं में विस्तार की जरूरत है। स्वास्थ्य सुविधाओं में पर्याप्त सुधार की जरूरत है। ग्रामीण उद्योगों का होगा विस्तार-तिवारी
कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र तिवारी ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रस्तुत बजट का स्वागत करते हुए कहा कि इस बजट में औद्योगिक प्रयोजन हेतु भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लैंड बैंक विकास योजना में विशेष प्रावधान किया गया है, जो प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगा। साथ ही पूंजी निवेश पर सब्सिडी का प्रावधान उद्यमियों को प्रोत्साहित करेगा तथा प्रदेश में निवेश का अनुकूल वातावरण निर्मित करेगा।


