प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। दिन के तापमान में बढ़ोतरी का दौर शुरू हो गया है और अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ। दक्षिण छत्तीसगढ़ से गुजर रही द्रोणिका मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर ओडिशा से विदर्भ तक, दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर से लगभग 0.9 किमी ऊंचाई पर एक द्रोणिका (ट्रफ) बनी हुई है। हालांकि इस सिस्टम का कोई खास असर नहीं दिख रहा है और मौसम शुष्क ही बना रहेगा। रायपुर में मौसम साफ रायपुर शहर में आज आसमान साफ रहने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। अगले दो दिन भी राहत नहीं मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक भी प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। आने वाले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे करीब 2 डिग्री तक बढ़ोतरी होगी, इसके बाद अगले चार दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है।
फरवरी में ठंड कम रही रायपुर की बात करें तो जनवरी की तरह फरवरी महीने में भी आसमान आमतौर पर साफ बना रहता है और सतही हवाएं हल्की रहती हैं। हालांकि उत्तर भारत से गुजरने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कभी-कभार मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। फरवरी के आखिरी में मौसम में बदलाव देखने को मिला, दो-तीन दिन कहीं-कहीं बारिश की स्थिति बनी रही। इस दौरान बादल छाने के साथ गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनती हैं। कुछ मौकों पर आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाएं भी चलती हैं। सर्दियों का असर कम होते ही न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। कुछ स्थितियों में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे भी चला जाता है। इसके साथ ही कुछ वर्षों में फरवरी महीने में अच्छी बारिश भी रिकॉर्ड की गई है। रायपुर में 1893 को पड़ी थी सबसे ज्यादा ठंड रायपुर में फरवरी महीने में अब तक की सबसे ज्यादा ठंड 9 फरवरी 1893 को पड़ी थी। उस दिन तापमान सिर्फ 5 डिग्री तक गिर गया था। वहीं सबसे ज्यादा गर्म दिन 28 फरवरी 2009 रहा, जब तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया था। यानी फरवरी में भी कभी-कभी मई जैसी गर्मी पड़ सकती है। 4 फरवरी 1917 को सिर्फ 24 घंटे में 57.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यह फरवरी के लिहाज से बहुत ज्यादा बारिश मानी जाती है। इसके अलावा 1901 में फरवरी महीने के दौरान कुल 118.9 मिमी बारिश हुई थी।


