देशभर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक खासकर बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और रोहिंग्या मुसलमानों पर केंद्र सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर घुसपैठियों की पहचान करने और बाहर निकालने राज्यों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार ने भी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है, जो राज्य में अवैध रूप से बसे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें होल्डिंग सेंटर तक पहुंचाने का काम करेगी। अगर आपने भी अनजाने में या जानबूझकर किसी बांग्लादेशी नागरिक, पाकिस्तानी और रोहिंग्या मुसलमानों को अपने मकान में किराएदार या सहायक के रूप में रखा है, तो आप पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। वहीं अगर आप भी अपने घर को किसी बांग्लादेशी को या अवैध विदेशी नागरिक को शरण देते हैं तो आप पर भी सख्त कार्रवाई होगी। छत्तीसगढ़ में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) किस तरह से काम करेगी? क्या है होल्डिंग सेंटर? ये कितना हाईटेक होगा? पढ़ें इस खास रिपोर्ट में लेकिन उससे पहले 3 केस से समझिए इसकी जरूरत क्यों पड़ी… केस–1 : तीन बांग्लादेशियों को ATS ने किया गिरफ्तार 9 फरवरी 2025- रायपुर पुलिस और ATS ने 3 बांग्लादेशी भाइयों को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। तीनों भाई रायपुर में अवैध रूप से रह रहे थे। इनके पास से फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेज मिले हैं। आरोपी बगदाद भागने के लिए मुंबई पहुंच चुके थे, लेकिन पुलिस की चुस्ती के कारण पकड़े गए। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम मोहम्मद इस्माइल (27), शेख अकबर (23) और शेख साजन (22) बताया है। ये तीनों बांग्लादेशी रायपुर के टिकरापारा के मिश्रा बाड़ा ताजनगर में रहते थे। आरोपियों के मददगारों की एटीएस और रायपुर पुलिस अभी भी तलाश कर रही है। केस–2: रायगढ़ में पाकिस्तानी भाई–बहन गिरफ्तार 27 अप्रैल 2025- रायगढ़ में 2 पाकिस्तानी भाई-बहन पर कार्रवाई की गई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम अर्निश शेख और इफ्तिखार शेख बताया था। इनके पास वैध पासपोर्ट और लॉन्ग टर्म वीजा था, लेकिन फर्जी तरीके से मतदाता पत्र बनवाया गया था। इसे देखते हुए पुलिस ने अपराध दर्ज किया था। केस–3: भिलाई में बांग्लादेशी पति–पत्नी गिरफ्तार 17 मई 2025- दुर्ग पुलिस की स्पेशल टीम ने सुपेला के कांट्रैक्टर कॉलोनी में एक महिला और पुरुष को पकड़ा। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम ज्योति उर्फ शाहिदा बताया और उसके पति ने अपना नाम रासेल शेख बताया। आरोपी नाम बदलकर किराए के मकान में रह रहे थे। आरोपियों पर अपराध दर्ज करके पुलिस ने जेल भेजा है। बांग्लादेशी पति पत्नी से पहले भिलाई में अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी नागरिक पन्ना बीबी को भी पुलिस ने पकड़ा था। ऐसे ही कुछ केस को देखते हुए गृह विभाग से इस आदेश को जारी किया गया घुसपैठियों पर ऐसे होगी कार्रवाई छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों पर सख्ती करने की तैयारी है। ये आदेश उसी से जुड़ा है। हालांकि इसमें कई जानकारी गोपनीय है इसलिए दैनिक भास्कर भी उसे समझते हुए साझा नहीं कर सकता। हालांकि गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के तहत घुसपैठियों पर कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन और पुलिस के माध्यम से घुसपैठियों की पूरी जानकारी की जांच उसके मूल क्षेत्र से होगी। 30 दिनों के अंदर सत्यापन के बाद घुसपैठिए के निर्वासन संबंधी रिपोर्ट भेजनी होगी। जांच की अवधि के दौरान संदिग्ध को होल्डिंग सेंटर में रखा जाएगा। अगर जांच के दौरान संदिग्ध बांग्लादेशी या रोहिंग्या पाया जाता है तो उसका बायोमैट्रिक्स और डिटेल गृह मंत्रालय के विदेशी पहचान पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। ये पोर्टल https://identification-mha-goc-in है। जहां पर इंटरनेट उपलब्ध नहीं होगा, वहां पर इस प्रक्रिया को ऑफलाइन किया जाए। जिला पुलिस मॉड्यूल के तहत जिले में उपलब्ध बायोमैट्रिक उपकरण का उपयोग करेगी। बायोमैट्रिक को कैप्चर करने के लिए नफीस सॉफ्टवेयर का उपयोग बंद कर दिया जाएगा। घुसपैठियों की गिरफ्तारी की सूचना विदेश मंत्रालय को भेजनी होगी। अब जानिए क्या होता है होल्डिंग सेंटर? होल्डिंग सेंटर एक ऐसी जगह है जहाँ लोगों को कुछ समय के लिए हिरासत में रखा जाता है। यह लोगों को सुरक्षित और कानूनी तरीके से हिरासत में रखने के लिए बनाया जाता है। प्रदेश के हर जिले में जो होल्डिंग सेंटर बनाया जाएगा, उसकी गाइड लाइन जिला कलेक्टर को जारी की गई है। जारी गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे लोगों को शिनाख्त की जाएगी। उनके दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान संदिग्ध विदेशी पाया गया, तो उसकी बॉयोमेट्रिक और जनसांख्यिकी ब्योरा एकत्र किया जाएगा। इस ब्योरे को राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इस डेटा को एकत्र करने के लिए सेंटर को हाईटेक बनाया जाएगा। सेंटर में विदेशी नागरिको को मूलभूत सुविधा के अलावा चिकित्सा सुविधा भी दी जाएगी। अब जानिए STF के बारे में अवैध अप्रवासी, घुसपैठिए जैसे बांग्लादेशी, पाकिस्तानी, रोहिंग्या की तलाशी के लिए राज्य में पहली बार 33 जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया गया है। इस टीम में 20 से ज्यादा सदस्य रहेंगे। इस टीम को लीड राजपत्रित रैंक के अधिकारी करेंगे। अलग-अलग जिले में ये हैं STF के प्रभारी सबसे बड़ी टीम राजनांदगांव में छत्तीसगढ़ में 2 हजार पाकिस्तानी, 1800 बांग्लादेशी विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रदेश में लगभग 1800 बांग्लादेशी और 2000 पाकिस्तानी नागरिक मौजूद है। पाकिस्तानियों की बात करें तो 1800 केवल रायपुर में है। इनमें से लगभग 95 प्रतिशत सिंधी समाज के हैं। जबकि बाकी मुस्लिम समुदाय से हैं। पुलिस इन सभी की वीजा की वैधता की जांच कर रही है। रोहिंग्या मुसलमानों का आंकड़ा एजेंसी के पास नहीं है, लेकिन बीते दिनों रायगढ़, दुर्ग, कवर्धा और रायपुर में इनकी मौजूदगी की जानकारी जांच एजेंसियों को मिली है। समीक्षा बैठक होगी हर महीने की 5 तारीख को गृह विभाग से जारी आदेश के अनुसार अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की जानकारी इकट्ठा कर रखी जाएगी। फिर इसकी रिपोर्ट गृ़ह मंत्रालय को भेजी जाएगी। मुख्यालय में हर महीने की 5 तारीख को मुख्य सचिव द्वारा बैठक का आयोजन किया जाएगा।


