छत्तीसगढ़ के 23 शिक्षक संगठनों ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है। शिक्षक संगठन 28 मई को मंत्रालय का घेराव करेंगे। संगठनों की मुख्य मांग है कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए। कोंडागांव जिले के सभी शैक्षणिक संगठन भी इस आंदोलन में शामिल होंगे। स्कूल शिक्षा विभाग युक्तियुक्तकरण के नाम पर प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं का समायोजन कर रहा है। विभाग शिक्षकों के पदों में कटौती कर रहा है। प्राथमिक शाला में पांच कक्षाओं के लिए केवल दो शिक्षक और पूर्व माध्यमिक शाला में 18 पीरियड के लिए तीन शिक्षक रखे जा रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित शिक्षकों को शैक्षणिक कार्य के अलावा जाति प्रमाण पत्र, निवास, आधार, छात्रवृत्ति और डाक कार्य भी करना पड़ता है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी। साथ ही पालकों का सरकारी स्कूलों से भरोसा भी टूटेगा। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को रद्द करने की मांग शिक्षक संगठनों ने सरकार को संयुक्त ज्ञापन सौंपा है। उनकी प्रमुख मांगों में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को रद्द करना, सोना साहू प्रकरण की तर्ज पर सभी शिक्षकों को एरियर्स सहित क्रमोन्नति वेतनमान देना और प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा लाभ शामिल हैं। उग्र आंदोलन की चेतावनी शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर 27 मई तक समाधान नहीं निकला तो वे 28 मई को मंत्रालय का घेराव करेंगे। यदि सरकार ने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया रद्द नहीं की और शिक्षक संगठनों से वार्ता नहीं की, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन शुरू होगा।


