छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को लेकर अब एनएसयूआई ने मोर्चा खोल दिया है। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को चिट्ठी लिखकर 15 जून तक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। पांडेय ने कहा है कि अगर तय समय तक भर्ती नहीं शुरू हुई, तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन होगा। पत्र में 57 हजार शिक्षकों 2160 प्रोफेसरों के पद खाली बताए गए हैं एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष अपने पत्र में बताया है कि छत्तीसगढ़ के स्कूलों में करीब 57 हजार शिक्षकों की कमी है, वहीं कॉलेजों में 2,160 प्रोफेसरों के पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने से पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है और प्रदेश का शैक्षणिक स्तर लगातार नीचे गिर रहा है। पांडेय ने याद दिलाया कि भाजपा ने चुनावी घोषणा पत्र में सभी रिक्त पदों को भरने का वादा किया था। लेकिन सरकार बने 16 महीने से ज्यादा हो चुके हैं, फिर भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। आंदोलन की चेतावनी पांडेय ने कहा कि CM खुद प्रदेश के शिक्षा मंत्री भी हैं, फिर भी शिक्षा विभाग में लापरवाही दिख रही है। एनएसयूआई अध्यक्ष ने कहा कि सरकार अगर 15 जून तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं करती, तो एनएसयूआई पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी और इसकी जिम्मेदारी सीधे-सीधे शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि अगर समय पर भर्ती हुई, तो एक तरफ जहां पढ़ाई सुधरेगी, वहीं दूसरी तरफ हजारों बेरोजगार युवाओं को भी नौकरी का मौका मिलेगा।


