छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर कार्रवाई के आंकड़े विधानसभा में सामने आए हैं। लगातार चल रही कार्रवाईयों के बीच पिछले 6 साल में नक्सलियों से 989 फायर आर्म्स बरामद किए गए हैं। वहीं इसी दौरान नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों से AK-47 राइफल, INSAS और 9 एमएम पिस्टल समेत कुल 48 हथियार लूटे। विधानसभा में पेश लिखित आंकड़े राज्य में जारी नक्सल विरोधी अभियान और सुरक्षा चुनौतियों की तस्वीर एक साथ सामने रखते हैं। 2020 से अब तक 4,340 ने किया आत्मसमर्पण विपक्ष के नेता चरणदास महंत के सवाल के लिखित जवाब में डिप्टी सीएम और गृहमंत्री शर्मा ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2020 से 31 जनवरी 2026 तक: इन कार्रवाइयों के दौरान 671 हथियार मुठभेड़ों के बाद बरामद हुए। वहीं, गिरफ्तार नक्सलियों से 80 और आत्मसमर्पण करने वालों से 238 हथियार मिले। बरामद हथियारों में AK-47, SLR और इंसास शामिल सरकार के मुताबिक, बरामद कुल हथियारों में 70 एके-47 राइफल, 82 सेल्फ लोडिंग राइफल (SLR) और 75 INSAS राइफल शामिल हैं। इसके अलावा अन्य छोटे-बड़े आग्नेयास्त्र भी जब्त किए गए हैं। सुरक्षा बलों से 48 हथियार लूटे गए डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि 1 जनवरी 2019 से 31 जनवरी 2026 के बीच नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों से 48 हथियार लूटे। इनमें 29 AK-47 राइफल, 7 INSAS राइफल, 2 SLR राइफल, 2 SLR LMG, 3 पिस्टल (9 एमएम) शामिल हैं। विपक्ष ने मांगा था पूरा ब्योरा दरअसल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने 2019-20 से 31 जनवरी 2026 तक का पूरा डेटा मांगा था। उन्होंने यह भी पूछा था कि इस दौरान कितने नक्सली मारे गए, कितनों ने सरेंडर किया, कितनों को गिरफ्तार किया गया और उनसे किस प्रकार के हथियार बरामद हुए। सरकार की ओर से दिए गए इन आंकड़ों को नक्सल मोर्चे पर चल रही रणनीति और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। विधानसभा में पेश हुए ये आंकड़े बताते हैं कि एक तरफ बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ और हथियारों की बरामदगी का सिलसिला भी जारी है।


