छत्तीसगढ़ में RTE प्रवेश की 1626 शिकायतें:शिक्षा सचिव ने बताया- 1585 शिकायतों का किया निपटारा, 19 लंबित, हाईकोर्ट ने पूछा- बताएं कैसे किया निराकरण

राइट टू एजुकेशन एक्ट (RTE) के जरिए होने वाले एडमिशन की प्रक्रियाओं में अनियमितताओं पर स्कूल शिक्षा सचिव ने शपथपत्र के साथ हाईकोर्ट में जवाब दिया है। इसमें बताया कि RTE से जुड़ी 1626 शिकायतें मिलीं। इनमें से 1585 का निपटारा हो चुका है। जबकि, केवल 19 शिकायतें लंबित हैं। इस पर हाईकोर्ट ने सवाल किया है कि बताएं इन शिकायतों का निराकरण किस तरह से किया गया है। केस की अगली सुनवाई 30 जून को होगी। दरअसल, दुर्ग जिला निवासी सीवी भगवंत राव ने एडवोकेट के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इस पर लगातार सुनवाई चल रही है। याचिका में कहा गया है प्राइवेट स्कूलों में पहली कक्षा के नामांकन में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब छात्रों को मुफ्त में नामांकन लेना है एवं निशुल्क पढ़ाई कराना है। लेकिन गरीब बच्चों के नामांकन में प्राइवेट स्कूल के संचालकों की मनमानी जारी है। शिक्षा सचिव का जवाब- RTE से जुड़ी 1626 शिकायतें
मंगलवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में केस की सुनवाई हुई। इस दौरान स्कूल शिक्षा सचिव ने शपथ पत्र प्रस्तुत किया है, जिसमें बताया है कि जिला स्तर पर RTE से जुड़ी 60 शिकायतें मिलीं। इनमें से 41 का निपटारा हो गया। 19 शिकायतें लंबित हैं। इनमें दुर्ग जिले की 17 और बिलासपुर की 2 शिकायतें शामिल हैं। अन्य एक शिकायत बिलासपुर से है, जो विचाराधीन है। याचिकाकर्ता की दुर्ग में 17 शिकायतें
शपथ पत्र में बताया कि दुर्ग जिले में कुल 48 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 31 का निपटारा किया गया। बाकी 17 शिकायतें याचिकाकर्ता द्वारा की गई हैं। ये शिकायतें सामान्य प्रकृति की हैं। किसी छात्र के प्रवेश से संबंधित नहीं हैं। ये शिकायतें RTE अधिनियम की धारा 32 के तहत दर्ज की गई हैं। ज्यादातर जिलों में शिकायत नहीं
राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि अधिकांश जिलों में कोई शिकायत नहीं है। दुर्ग जिले की 48 शिकायतों में से 31 का निपटारा हो चुका है। शेष 17 शिकायतें याचिकाकर्ता की हैं। इनमें से अधिकतर मामलों में शिकायतकर्ता को कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं थी। हाईकोर्ट ने पूछा- बताएं किस तरह से शिकायतों का किया निराकरण
चीफ जस्टिस ने सुनवाई के दौरान पूछा है कि शैक्षणिक सत्र 2025 में शिकायतों का किस तरह से निराकरण किया गया है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि जिन 31 शिकायतों का निपटारा किया गया है, उनका रिकॉर्ड अगली सुनवाई तक प्रस्तुत किया जाए।

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