बैतूल जिले में हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम प्रकाश बंजारे है, जो जेएच कॉलेज बैतूल में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ था। यह घोटाला करीब डेढ़ साल पहले सामने आया था। इसमें ‘गांव की बेटी योजना’ के तहत दी जाने वाली छात्रवृत्ति की राशि में कुल 1 करोड़ 44 लाख 65 हजार रुपये का गबन किया गया था। पहले भी दो आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार इस मामले में इससे पहले मुख्य आरोपी और कंप्यूटर ऑपरेटर दीपेश डहेरिया को चार महीने पहले गिरफ्तार किया गया था। वहीं सहायक ग्रेड-3 रिंकू पाटिल की गिरफ्तारी तीन महीने पहले हुई थी। यह पूरा मामला अगस्त-सितंबर 2024 में महालेखाकार ग्वालियर द्वारा की गई ऑडिट जांच में सामने आया। जांच के दौरान छात्रवृत्ति वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई थी। इसके बाद 17 दिसंबर 2024 को तत्कालीन प्राचार्य विजेता चौबे ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फर्जी दस्तावेज और बिल बनाकर किया गबन ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, तीनों आरोपियों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज और बिल तैयार किए। छात्रवृत्ति की राशि को संदिग्ध बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। जांच में सामने आया है कि सरकारी पैसे 95 अलग-अलग बैंक खातों में भेजे गए, जो आरोपियों के रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर थे। इन खातों में करीब 3240 बार लेनदेन किया गया। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 409, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। दो पूर्व प्राचार्य भी आरोपी एसडीओपी सुनील लाटा ने बताया कि इस प्रकरण में दो पूर्व प्राचार्यों को भी आरोपी बनाया गया है, लेकिन वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं और उनकी गिरफ्तारी अभी बाकी है। जांच जारी है और आगे और भी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।


