शहर के राजकीय एमबीआर पीजी कॉलेज में गुरूवार को एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष गिरधारीलाल चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को अपने खून से पत्र लिखकर कॉलेज की भूमि वापस लेने की मांग की। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष गिरधारीलाल चौधरी ने बताया कि कॉलेज का खेल मैदान व परिसर क्षेत्र विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक व शैक्षणिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि इस भूमि पर प्रशासनिक कार्यालय बनाए जाते हैं, तो खेल गतिविधियों के साथ-साथ कॉलेज के भविष्य के विस्तार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। छात्र नेता राजू चौधरी ने बताया कि पिछले लंबे समय से ज्ञापन व संवाद के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है। दशरथ देवासी ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से न्याय की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों की भूमि को अन्य कार्यों में उपयोग करना विद्यार्थियों के अधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि एमबीआर कॉलेज की भूमि आवंटन संबंधी सहमति को निरस्त कर खेल मैदान सहित पूरे परिसर को सुरक्षित रखा जाए। एनएसयूआई छात्र नेता हरीश घारू ने बताया कि सरकार को एक बार इस मामले में विचार करना चाहिए। शिक्षा व खेल के हितों से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। इस दौरान डूंगर चौधरी, विक्रम डांगी, गुमनाराम, भानु प्रकाश, प्रकाश भाट, अरविंद कुमार गर्ग, विक्रम मेघवाल, जतिन पांचाल, जगदीश भील, मुकेशसिंह, दिलीप गिरी, सुरेश प्रजापत, हरीश, प्रकाश शर्मा, रमेश पटेल, रवीना, भरत राठौड़, हुकमाराम, नरपत गर्ग सहित छात्र मौजूद रहे।


