राजगढ़ जिले के छापीहेड़ा नगर में मंगलवार को सकल हिंदू समाज ने मृत गोवंश को खुले में फेंकने के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एक मृत गाय को हाथ ठेले में रखकर नगर परिषद कार्यालय के सामने आधे घंटे से अधिक समय तक धरना दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नगर परिषद क्षेत्र में मृत गोवंश को कचरे की तरह खुले में फेंक दिया जाता है। यह न केवल धार्मिक आस्थाओं के विरुद्ध है, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और पर्यावरणीय समस्या भी बन चुका है। सकल हिंदू समाज ने बताया कि खुले में पड़े मृत गोवंश को आवारा कुत्ते नोचते हैं, जिससे उनकी हिंसक प्रवृत्ति बढ़ रही है। हाल ही में नगर में एक मासूम बच्ची पर आवारा कुत्तों के हमले के बाद उसका शाजापुर में उपचार चल रहा है। इसके अतिरिक्त, मृत गोवंश से क्षेत्र में गंदगी और प्रदूषण भी फैलता है। स्थल चिन्हित कर समाधि स्थल बनेगा
प्रदर्शन के दौरान नागरिकों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) हरिओम शर्मा, थाना प्रभारी हुकुम सिंह मीणा और राजस्व हल्का पटवारी मनोहर गौड़ को ज्ञापन सौंपा। पटवारी ने 20 फरवरी तक गौशाला भूमि का सीमांकन करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद, नगर परिषद, पुलिस और राजस्व विभाग की मौजूदगी में गौशाला की भूमि पर जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदकर मृत गोवंश को दफनाया गया। सकल हिंदू समाज ने भविष्य में गौ माता के लिए स्थायी समाधि स्थल बनाने की मांग की, जिसकी व्यवस्था जनसहयोग से भी की जा सकती है। सीएमओ हरिओम शर्मा ने बताया कि पूर्व में रात्रि के समय जेसीबी ड्राइवर उपलब्ध न होने के कारण दफन में समस्या आई थी। अब स्थल चिन्हित होने के बाद समाधि स्थल बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए बाहर से पिंजरा मंगाया गया है और उन्हें नगर से दूर छोड़ा जाएगा।


