छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध महादेव चौरागढ़ मेले में उस समय एक सराहनीय पहल देखने को मिली, जब शहर के युवाओं की एक टीम ने सतर्कता और संवेदनशीलता दिखाते हुए सपेरों के कब्जे से कोबरा प्रजाति के 5 सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद सभी सांपों को उनके प्राकृतिक आवास, सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार मेले में कुछ सपेरे अवैध रूप से सांपों का प्रदर्शन कर रहे थे। यह कृत्य वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। समय रहते युवाओं ने न केवल इन सांपों की जान बचाई, बल्कि मेले में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए संभावित खतरे को भी टाल दिया। युवाओं ने सांपों को मुक्त कराया महादेव के दर्शन के लिए चढ़ाई कर रहे अभिजीत मोखलगाय, शुभम मोखलगाय, पंकज घई, आकाश साहू, सुमित सुखेजा, विश्वामित्र भटेले, मोहित सिंह ठाकुर, राहुल साहू और सुमित किरतानी की नजर रास्ते में कुछ सपेरों पर पड़ी, जिनकी टोकरी में सांप बंद थे। युवाओं ने तत्परता दिखाते हुए सपेरों को रोका, स्थिति समझी और सांपों को मुक्त कराया। युवाओं की इस पहल की मेले में मौजूद लोगों ने सराहना की। विशेषज्ञों के अनुसार कोबरा जैसे विषैले सांपों को टोकरी में बंद रखना उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है और इससे उनके जीवन को गंभीर खतरा होता है। साथ ही भीड़भाड़ वाले मेले में ऐसे सांपों का प्रदर्शन कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता था।


