छुट्टी में जाने से पहले सहयोगी को जिम्मेदारी सौंपे अफसर

भास्कर न्यूज | जांजगीर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिले के अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में हिदायत दी है कि अब अवकाश और ढीले रवैये की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। उन्होंने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि मंगलवार और बुधवार को सभी अधिकारी अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहें और लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर आरके तम्बोली, संयुक्त कलेक्टर संदीप सिंह ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर स्निग्धा तिवारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए कि किसी भी अधिकारी को अवकाश पर जाने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी और अपने स्थान पर लिंक अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित करनी होगी। अवकाश आवेदन में लिंक अधिकारी का नाम अनिवार्य रूप से दर्ज होना चाहिए। इसके अलावा, मंगलवार और बुधवार को लंबित नस्तियों का निराकरण, विभागीय समीक्षा और जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करने का आदेश दिया गया। गुरुवार और शुक्रवार को अधिकारियों को मैदानी स्तर पर योजनाओं की प्रगति की निगरानी करने का निर्देश दिया गया। बैठक में कलेक्टर ने जिले के स्कूलों में अनिवार्य बायोमेट्रिक आधार अपडेशन की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि विशेष आधार शिविरों में तेजी लानी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। बालिकाओं के लिए शौचालयों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि मरम्मत योग्य शौचालयों की सूची शीघ्र प्रस्तुत की जाए और नए आवश्यक बालिका शौचालयों के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने आगामी जनगणना कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और तैयारियां समय से पूर्व पूरी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने नगर पालिका सीएमओ को एपीएल से बीपीएल में नाम शामिल करने के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच कर प्रस्ताव प्रेषित करने और खाद्य विभाग को एक ही व्यक्ति द्वारा एक से अधिक स्थानों पर राशन दुकान संचालन की घटनाओं पर नियमानुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया। गर्मी और संभावित पेयजल संकट को लेकर कलेक्टर ने संबंधित विभागों को अग्रिम तैयारी करने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या उत्पन्न होती है, वहां आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं समय से पूर्व सुनिश्चित की जाएं।

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