महाशिवरात्रि पर बैतूल के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल छोटा महादेव भोपाली में हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचे। महाराष्ट्र, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद और आसपास के आदिवासी इलाकों से लोग सुबह से ही आने लगे थे। श्रद्धालुओं ने पहले देनवा नदी में स्नान किया, फिर पूजा-अर्चना कर छोटा महादेव की ओर बढ़े। पहाड़ी में आई बड़ी दरार के कारण इस बार भी गुफा मंदिर तक जाने पर रोक लगाई गई। यह दरार पहली बार साल 2014 में दिखाई दी थी, जो अब काफी चौड़ी और लंबी हो चुकी है। भूवैज्ञानिकों के अनुसार यह इलाका चूना-पत्थर की चट्टानों का है, जो बारिश में कमजोर होकर खिसक सकती हैं। सुरक्षा कारणों से लगातार तीसरे साल श्रद्धालुओं को गुफा तक जाने की अनुमति नहीं दी गई। कैमरे लगाए, स्क्रीन से हो रहे दर्शन प्रशासन ने इस बार बेहतर व्यवस्था की। गुफा में स्थापित प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन के लिए तीन जगह कैमरे लगाए गए। इनकी लाइव तस्वीरें पहाड़ी के नीचे लगी बड़ी एलईडी स्क्रीन पर दिखाई गईं। श्रद्धालुओं ने वहीं खड़े होकर भगवान शिव के दर्शन किए और “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाए। अंबा माई मंदिर और सीढ़ियों के पास बने शिवलिंग पर भी भक्तों ने पूजा की। कई लोगों ने देनवा नदी में पारंपरिक तरीके से देव पूजन किया। पूरे मेले में सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तैनात रहे। जनपद सीईओ तीजा पवार ने बताया कि सुरक्षा और व्यवस्था के पूरे इंतजाम किए गए हैं। गुफा को लेकर यह है कथा धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव ने भस्मासुर से बचने के लिए इसी गुफा में शरण ली थी। यहां प्राकृतिक शिवलिंग के साथ पत्थरों पर नंदी के खुरों के निशान भी बताए जाते हैं। महाशिवरात्रि से शुरू होकर यहां दस दिनों तक मेला चलता है, जिसमें हर साल हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।


