कूनो नेशनल पार्क क्षेत्र में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से गुस्साए ग्रामीणों ने रविवार को कराहल-पोहरी हाइवे जाम कर दिया। बाँसरैया गांव के पास एक जंगली जानवर द्वारा गाय का शिकार किए जाने के बाद ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया। उन्होंने मरी हुई गाय को सड़क पर रखकर विरोध जताया, जिससे लगभग एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि चीता, तेंदुआ सहित अन्य जंगली जानवर लगातार उनके मवेशियों का शिकार कर रहे हैं। उन्हें समय पर मुआवजा नहीं मिल रहा और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। हाल ही में एक तेंदुआ के गले में फंदा मिलने के बाद वन विभाग ने बाँसरैया गांव में पूछताछ की थी। ग्रामीणों द्वारा जानकारी से इनकार करने पर डॉग स्क्वॉड से घर-घर तलाशी ली गई थी, जिसका आदिवासी समुदाय ने विरोध किया था। जाम के कारण कराहल-पोहरी हाइवे पर बसें, निजी गाड़ियां और अन्य वाहन दोनों ओर फंस गए, जिससे यात्री परेशान हुए। मौके पर पहुंची पुलिस काफी देर तक जाम खुलवाने में असफल रही। वहीँ मौके पर तहसीलदार रौशनी शेख और वन विभाग के अधिकारी पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया, जिसके बाद जाम खुल सका। तहसीलदार रौशनी शेख ने ग्रामीणों को नियमानुसार मवेशी हानि का मुआवजा दिलाने और वन विभाग से समन्वय कर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और यातायात बहाल हो सका।


